बटेश्वर। उत्तर भारत के प्रमुख तीर्थ बटेश्वर धाम प्रशासनिक उपेक्षा के कारण अव्यवस्था का शिकार है। मंदिर परिसर के मुख्य मंदिर से जैन मंदिर को जोड़ने वाले मार्ग पर लंबे समय से जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। ब्रह्मलाल मंदिर और जैन मंदिर पर जलभराव होने से पैदल चलने वाले राहगीरों और वाहन चालकों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
इस मार्ग की अहमियत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यहां से प्रतिदिन करीब एक दर्जन गांवों के ग्रामीणों का आना-जाना होता है। इसके अलावा, देश-दुनिया से इस ऐतिहासिक तीर्थ स्थल पर आने वाले श्रद्धालुओं को भी इस गंदगी और जलभराव के कारण भारी असुविधा झेलनी पड़ रही है। स्थानीय प्रशासन की इस अनदेखी से तीर्थ की छवि भी धूमिल हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि दशहरा नजदीक है। दशहरा पर तीर्थ में हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचेंगे। यदि समय रहते इस मार्ग की सफाई और जल निकासी नहीं की गई, तो स्थिति और भी विकराल हो जाएगी। जानकारों का कहना है कि लंबे समय से जमा गंदे पानी और कचरे के कारण क्षेत्र में डेंगू, मलेरिया जैसी संक्रामक बीमारियां फैलने की आशंका बनी हुई है, जिससे स्थानीय निवासियों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। स्थानीय निवासी आकाश गोस्वामी, राजकुमार गोस्वामी, रणवीर गोस्वामी और चंदन गोस्वामी ने प्रशासन से मांग की है कि आगामी त्योहारों और जन स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए इस मुख्य मार्ग की अविलंब सफाई कराई जाए और जलभराव की समस्या से स्थाई निजात दिलाई जाए।
