पीलीभीत के माधोटांडा थाना क्षेत्र के बूंदीभूड़ गांव में शराब की दुकानों के विरोध को लेकर हुए बवाल का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। बवाल मामले में दर्ज रिपोर्ट को गलत बताते हुए शनिवार को गांव की महिलाएं दो बसों से जिला मुख्यालय के लिए रवाना हुईं। पुलिस ने उन्हें मझोला बॉर्डर पर रोक लिया, जिसके बाद महिलाओं ने वहीं धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया था। वे जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक से मिलकर अपनी बात रखना चाहती थीं। इसके बाद कांग्रेस जिला अध्यक्ष हरप्रीत सिंह चब्बी के नेृतत्व में घायल पांच महिलाएं पुलिस लाइन पहुंचीं और सहायक पुलिस अधीक्षक नताशा गोयल से मुलाकात कर अपना पक्ष रखा।

ग्रामीणों के जिला मुख्यालय रवाना होने की भनक लगते ही पुलिस प्रशासन अलर्ट हो गया था। सीओ के नेतृत्व में पुलिस बल मझोला बॉर्डर पर तैनात किया गया। इधर, कलक्ट्रेट तिराहे पर भी बड़ी संख्या में पुलिस बल लगाया गया। ग्रामीणों का समर्थन करने जा रहे कांग्रेस नेता मुकुंद गंगवार को भी सुनगढ़ी पुलिस ने असम चौराहे पर रोक लिया। उन्होंने मांग की कि ग्रामीण पक्ष की ओर से भी रिपोर्ट दर्ज की जाए। 

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कांग्रेस नेता ने लाठीचार्ज का नेतृत्व करने वाले तहसीलदार कलीनगर के खिलाफ कार्रवाई की भी मांग की। कांग्रेस नेता ने पूरे प्रकरण की न्यायिक जांच कराने और ग्रामीणों को अफसरों से मिलने की अनुमति देने की बात कही। फिलहाल, ग्रामीण मझोला में रुके हुए हैं और कुछ ग्रामीणों के अफसरों से मिलने पर विचार चल रहा है।



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