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झांसी पुलिस ने सट्टा गैंग का भंडाफोड़ किया है। एक युवती को पुलिस ने पकड़ा है। दरअसल, यूपी पुलिस में आरक्षी रजत कुमार अपनी प्रेमिका यशस्वी द्विवेदी के साथ मिलकर सट्टा गैंग चला रहा था। पुलिस ने देर-रात गैंग का भंडाफोड़ करते हुए पॉश कॉलोनी रॉयल सिटी के फ्लैट से सिपाही की प्रेमिका समेत एक युवती को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस की भनक लगने पर सिपाही भाग निकला। यशस्वी के पास से पुलिस ने 1.72 करोड़ का सोने-चांदी समेत 18 लाख रुपये नकद बरामद किया। इस गैंग के साथ भी भाजपा नेता आशीष उपाध्याय की साठगांठ मिली है। गैंग का भंडाफोड़ होने के साथ ही एसएसपी ने रजत को सेवा से बर्खास्त कर दिया। उसकी तलाश में पुलिस टीम लगाई गई है।
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पुलिस की गिरफ्त में युवती
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
शुक्रवार को प्रेस कांफ्रेंस के दौरान एसएसपी बीबी जीटीएस मूर्ति ने बताया कि रॉयल सिटी के फ्लैट संख्या एलएस-9 में ऑनलाइन सट्टा की सूचना पर पुलिस पहुंची थी। फ्लैट से कोतवाली निवासी यशस्वी द्विवेदी (24) और प्रेमनगर निवासी निशा खान (32) को गिरफ्तार किया गया।
वहां ट्राली बैग के अंदर 100-100 ग्राम के 9 सोने के बिस्कुट समेत कुल 939 ग्राम सोने के गहने, 4 किलोग्राम चांदी के बिस्कुट और 18 लाख रुपये नकद मिला। यशस्वी के पास से लैपटॉप, 12 मोबाइल भी बरामद हुए।
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पुलिस द्वारा बरामद सोने के बिस्किट
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पूछताछ में यशस्वी ने बताया कि मूल रूप से हाथरस के थाना सादाबाद के शमदपुर गांव निवासी आरक्षी रजत सिंह के साथ करीब चार साल से वह लिव इन रिलेशन में है। रजत ने फ्लैट किराये पर लेकर उसे दिया था। रजत के कहने पर वह सट्टेबाजी का काम देखती थी।
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पुलिस द्वारा बरामद नकदी और आभूषण
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
कुछ दिनों पहले रजत ने यह सारा सामान फ्लैट में लाकर रखा था। यशस्वी ने पुलिस को भाजपा नेता आशीष उपाध्याय, नगरा निवासी सुमित साहू, अयोध्यापुरी कॉलोनी निवासी विशेष भार्गव एवं नगरा निवासी प्रभात अग्रवाल के नाम भी बताए। एसएसपी के मुताबिक सिपाही रजत को बर्खास्त कर दिया गया। सभी वांछितों की तलाश की जा रही है।
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जानकारी देते पुलिस अधिकारी
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
12 दिन पहले सेवानिवृत्त सहायक रजिस्ट्रार काे रौंदा था
आरोपी सिपाही रजत कुमार ने ही 12 दिन पहले बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में थार गाड़ी से रिटायर्ड असिस्टेंट रजिस्ट्रार मनीराम वर्मा (70) को रौंद दिया था। मनीराम की मौके पर मौत हो गई थी। तब उसे गिरफ्तार करके जेल भेजा गया था। एसएसपी ने उसे निलंबित करके उसके खिलाफ जांच भी शुरू कराई थी।