Police filed fake case sent innocent family to jail then destroyed fruit trees to take possession of land wort

बेगुनाह परिवार और आगरा पुलिस
– फोटो : अमर उजाला

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आगरा के थाना जगदीशपुरा में 10 हजार वर्गगज जमीन पर कब्जे के लिए निर्दोष परिवार को जेल भेजने के बाद जमीन पर लगे फलदार वृक्षों को उजाड़ दिया गया। 120 वृक्षों पर बुलडोजर चलाया गया। पीड़ित रवि कुशवाह ने ऑनलाइन शिकायत की है। अब वन विभाग को तहरीर देने जाएंगे।

जमीन पर कब्जे के लिए एसओ जितेंद्र कुमार और बिल्डर कमल चौधरी ने साजिश की थी। रवि कुशवाह के परिवार पर दो मुकदमे दर्ज किए गए। एक मुकदमा एनडीपीएस एक्ट में लिखा गया। इसमें रवि, उसके भाई सहित तीन को जेल भेजा गया। दूसरा मुकदमा आबकारी अधिनियम का लिखा। इसमें रवि की पत्नी पूनम, बहन पुष्पा सहित तीन को गिरफ्तार कर जेल भेजा। रवि कुशवाह के परिवार को कई दिन जेल में रहना पड़ा।

डीजीपी से शिकायत के बाद मामला सुर्खियों में आया। पुलिस ने दोबारा पीड़ित को जमीन पर रखवाया। जब परिवार के लोग पहुंचे तो पता चला कि घर के बाहर जमीन पर लगे फलदार वृक्षों को भी उखाड़ दिया गया। बिल्डर ने पहले जमीन की दीवार बनवाई थी। इसके बाद बुलडोजर से वृक्ष हटवा दिए थे। इन्हें भरकर भी ले गए थे। कुछ वृक्षों की लकड़ी अब भी मौजूद है।

फल बेचकर चलता था घर

रवि ने कहा कि जमीन पर 120 फलदार वृक्ष थे। कटहल के 4, अमरूद के 20, जामुन के 6, बेर के 20, करौंदा के 30, नींबू के 25 और केले के 5 वृक्ष लगे थे। वह कुल्फी के साथ ही इन फलों को बेचकर गुजारा करते थे। वृक्षों को ही हटा दिया गया। आरोपियों पर वन संरक्षण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया जाए।

कुशवाह महासभा ने की बैठक

कुशवाह महासभा ने संजय प्लेस स्थित शहीद स्मारक में बैठक की। संचालन युवा कुशवाह महासभा के जिलाध्यक्ष मनोज कुशवाह ने किया। राष्ट्रीय महासचिव प्रेमचंद कुशवाह ने कहा कि आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए। पीड़ित परिवार को मुआवजा मिले। बैठक में रवि कुशवाह, पूनम, उदय सिंह, धर्मवीर, फौरन सिंह, अमित, प्रेमचंद, मुकेश, विनोद, छतर सिंह, सुनील कुशवाह आदि मौजूद रहे।

आरोपियों की कॉल डिटेल से खुलेंगे राज

एसओ जितेंद्र कुमार, बिल्डर कमल चौधरी, धीरू चौधरी, पुरुषोत्तम पहलवान और अमित अग्रवाल का नाम आया था। अमित को जेल भेजा गया है। अन्य की गिरफ्तारी के लिए पुलिस दबिश दे रही है। पुलिस अब आरोपियों के मोबाइल की कॉल डिटेल खंगाल रही है। यह देखा जा रहा है कि जमीन कब्जाने की साजिश में कौन-कौन शामिल है। आरोपियों की किससे बात होती थी। वह कहां जाते थे? कहां आते थे? यह पता किया जा रहा है। किन लोगों से ज्यादा बातचीत हुई? यह सब पता किया जा रहा है।

विवेचना में फर्जीवाड़ा पर होगी कार्रवाई

दो फर्जी मुकदमे दर्ज किए गए। एक मुकदमा एनडीपीएस एक्ट का लिखा गया। इसमें दरोगा विकास कुमार वादी हैं, जबकि दूसरा मुकदमा आबकारी निरीक्षक ने लिखाया। इस मुकदमे की फर्द में दरोगा अनुज फोगाट शामिल थे। फर्जीवाड़े की बात सामने आने के बाद भी दोनों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। विकास कुमार ने गांजा बरामद किया तो कहां से आया? यह उनसे आज तक नहीं पूछा गया? वहीं अनुज फोगाट किसके कहने पर फर्द में शामिल हो गए? पूरे मामले में लीपापोती की जा रही है।

 



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