
छावनी में तब्दील हुई अयोध्या
– फोटो : amar ujala
विस्तार
श्री राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा के मद्देनजर यातायात डायवर्जन शुक्रवार की मध्य रात्रि से लागू हो जाएगा। डायवर्जन के चलते लखनऊ, गोंडा, बस्ती, अंबेडकरनगर, सुल्तानपुर, अमेठी से अयोध्या की ओर आने वाले वाहनों को अलग-अलग मार्गों से गंतव्य तक भेजा जाएगा। अयोध्या में तीन दिनों के लिए बाहरी व्यक्तियों की एंट्री भी नहीं होगी। जो वहां के स्थानीय लोग हैं उन्हें पहचान पत्र दिए गए हैं।
अयोध्या के लिए रोजाना चलेंगी 80 बसें
रामलला के प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम के बाद लखनऊ से अयोध्या के बीच रोजाना 80 बसों का संचालन किया जाएगा। इससे तकरीबन 40 हजार श्रद्घालुओं को राहत मिलेगी। बस अड्डों से हर 20 मिनट के अंतराल पर यात्रियों को बसें उपलब्ध होंगी। हाल ही रोडवेज प्रशासन ने कैसरबाग से अयोध्या के बीच एसी जनरथ बसों का संचालन शुरू किया है। वहीं 22 जनवरी को प्राण प्रतिष्ठा के बाद श्रद्धालुओं के लिए रोडवेज लखनऊ से अयोध्या के बीच 80 बसें संचालित करेगा। आलमबाग, चारबाग, कैसरबाग और अवध बस स्टेशन से अयोध्या के लिए सीधी बसों की साधारण सेवाएं चलेंगी। रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक आरके त्रिपाठी ने बताया कि इससे लखनऊ से अयोध्या के बीच साधारण बसों की संख्या दोगुनी हो जाएगी। इन बसों की समय सारिणी बस अड्डों पर लगे एलईडी स्क्रीन पर दिखेगी। इस बाबत तैयारियां पूरी हो गई हैं। सभी बस अड्डों पर श्रद्धालुओं के लिए हेल्प डेस्क भी बनाई गई हैं। इनसे श्रद्धालु बसों के आवागमन की जानकारी ले सकते हैं। परेशानी होने पर यात्री टोल फ्री नंबर-18001802877 पर संपर्क कर सकते हैं।
एयरपोर्ट पर उतरे छह विमान, भरपूर मिलीं सवारियां
महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पर शुक्रवार को थोड़ी-थोड़ी देर पर मुंबई, कोलकाता, अहमदाबाद, बंगलुरू से विमान आए। दिल्ली से दो विमान यात्रियों को लेकर यहां पहुंचे। मौसम की खराबी के चलते विमानों के आने जाने में देरी हुई। लगभग डेढ़ बजे तक कोई भी विमान यहां नहीं उतरा। श्रीराम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा की तिथि करीब आने के साथ ही एयरपोर्ट पर सुरक्षा सख्त की जा रही है। शुक्रवार को प्रयागराज हाईवे से एयरपोर्ट तक के डेढ़ किमी की दूरी में दोनों ओर थोड़ी-थोड़ी दूर पर पुलिस के जवानों की तैनाती कर दी गई। पुलिस के अफसरों की आवाजाही भी रही। एयरपोर्ट के गेट पर सुरक्षा सख्त कर दी गई। बड़ी संख्या में पुलिस के जवान तैनात कर दिए गए। बगैर पास किसी को भी अंदर जाने की अनुमति नहीं थी।
