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बच्चा अगवा करने वाले आरोपियों के तार बरेली मंडल के अलावा लखीमपुर खीरी व दिल्ली तक जुड़े हैं। बरेली पुलिस ने पूछताछ के बाद दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया। वहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। आरोपियों से तमंचे, कारतूस व बिना नंबर की बाइक बरामद हुई है। शाहजहांपुर निवासी मेडिकल कॉलेज के कर्मचारी योगेश कन्नौजिया ने अपनी प्रेमिका के शौक पूरे करने को यह धंधा चुनने की बात कही। अब सरगना की तलाश में तीन टीमें लगाई गई हैं।
योगेश कन्नौजिया ने बताया कि एमएससी नर्सिंग करने के बाद वह चार साल से एक मेडिकल कॉलेज व बंथरा के हॉस्पिटल में स्टाफ नर्स की नौकरी कर रहा है। वहीं उसकी मुलाकात लखीमपुर खीरी निवासी उत्तम सिंह से हुई जो अपने परिवार के सदस्य की पित्त की थैली में पथरी का इलाज कराने अस्पताल आया था। दोनों एक-दूसरे का मोबाइल नंबर लेकर बातचीत करने लगे थे। उत्तम ने बताया था कि जिन अमीर लोगों के बच्चे नहीं होते हैं, उन्हें मैं चार से छह महीने का छोटा बच्चा देकर मोटा मुनाफा कमाता हूं।
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पुलिस अधिकारियों ने आरोपियों से की पूछताछ।
– फोटो : अमर उजाला
इस पर योगेश ने कहा कि मुझे अच्छे रुपये मिलेंगे तो मैं बच्चे की व्यवस्था करके दूंगा। उसने प्रेमिका के शौक पूरे करने का हवाला देते हुए कहा कि वह लालच में आ गया था। योगेश ने बताया कि जलालाबाद में रह रहे बदायूं के ककराला निवासी दोस्त पवन चंदेल से उसने बात की तो वह भी साथ देने के लिए तैयार हो गया। कहा कि जो भी रुपये मिलेंगे, उसमें आधा हिस्सा चाहिए।
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मुठभेड़ में पकड़े गए आरोपी
– फोटो : पुलिस मीडिया सेल
एक दिन पहले की रेकी, दूसरे दिन चुराया बच्चा
योगेश ने बताया कि दोनों कई दिन से छोटे बच्चे को तलाश रहे थे। कई शहरों व कस्बों के मंदिर, मेले और बाजारों को खंगाला पर सफलता नहीं मिली। फिर पता लगा कि आंवला के मनौना गांव स्थित श्याम मंदिर पर भीड़ ज्यादा रहती है। वह 23 मई को पहली बार वहां गए और देखा कि पूछताछ केंद्र के पीछे झोपड़ी पर टिन पड़ा है, जिसमें मंदिर के कर्मचारी रहते हैं। उसमें बच्चे खेल रहे थे। सफाईकर्मी रमन का छोटा बच्चा ऋषभ उन्हें पसंद था। वह देखने में सुंदर व कम उम्र का था। उसके बाद वह लोग चले गए।
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एंबुलेंस में घायल आरोपी
– फोटो : पुलिस मीडिया सेल
फिर 24 मई की सुबह छह बजे दोबारा आए और बच्चों से बात करने लगे। रमन के तीनों बच्चों को उन्होंने 40 रुपये व टॉफी दी और कहा कि चलो आगे वाली दुकान से जूस दिलवाएंगे। तीनों बच्चे इनके पीछे चल दिए। फिर योगेश ने खीरा लेकर दोनों बड़े बच्चों को दिए। दोनों खीरा खाने लगे तो छोटे बच्चे को वह गोद में खिलाने लगा। साथी पवन बाइक से दूर खड़ा था। योगेश ने इशारा किया तो वह बाइक लेकर आ गया और दोनों बच्चे को लेकर चले गए।
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पुलिसकर्मी की गोद में मासूम बच्चा।
– फोटो : पुलिस मीडिया सेल
एक्सीडेंट में सभी को लगी चोट, बच्चा भी हुआ घायल
योगेश ने बताया कि जब वे बच्चे को लेकर जा रहे थे तो उनकी बाइक हादसे का शिकार हो गई। उन दोनों के हाथों में व बच्चे के सिर पर चोट लग गई। दोनों ने अपना इलाज कराया तो बच्चे के सिर पर भी पट्टी बंधवा दी। बच्चे को बेचने के लिए दोनों फुलासी से होते हुए दिल्ली जाने की फिराक में थे जहां उन्हें उत्तम सिंह मिलता। बच्चे को देकर तय की गई रकम साठ हजार रुपये उससे लेते, लेकिन पकड़े गए।