जरूरत के मुताबिक किया जा रहा है खाद का इंतजाम
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। जिले में इस बार 4,83,037 हेक्टेअर में रबी की बुआई होगी। सबसे ज्यादा रकबे में गेहूं बोया जाएगा। इसकी तैयारियां शुरू कर दीं गई हैं। खासतौर पर जरूरत के मुताबिक, खाद का इंतजाम किया जा रहा है।
खरीफ का सीजन तो किसानों के अरमानों पर पानी फेर गया। हालांकि, इस बार अच्छी बारिश होने की वजह से रबी सीजन से किसानों की आस बंधी हुई है। अक्तूबर के आखिरी में रबी फसलों की बुआई शुरू कर दी जाएगी। कृषि विभाग द्वारा 4,83,037 हेक्टेअर में बुआई का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसमें दो लाख से अधिक हेक्टेअर में गेहूं बोया जाएगा। जबकि, ढाई लाख से ज्यादा हेक्टेअर में तिलहनी फसलों चना, मटर व मसूर की बुआई होगी। इसके अलावा, 6,914 हेक्टेअर में जौ, नौ हेक्टेअर में मक्का, 17,442 हेक्टेअर में सरसों, 139 हेक्टेअर में तोरिया व 2411 हेक्टेअर में अलसी की बुवाई होगी।
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समितियों पर भेजी जाने लगी है खाद
जिले में अभी 6300 मीट्रिक टन डीएपी उपलब्ध है, जो समितियों को दी जाने लगी है। इसका सत्यापन भी शुरू कर दिया गया है। इसके अलावा, अक्तूबर की जरूरत के मुताबिक 9800 मीट्रिक टन डीएपी और 3700 मीट्रिक टन एनपीके और आने वाली है। जिला स्तर से इसकी डिमांड की जा चुकी है, जिसके जल्द मिलने की संभावना है।
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25 अक्तूबर के इर्द-गिर्द रबी की बुवाई शुरू हो जाएगी। इसके लिए तैयारियां पूरी हैं। खाद की पर्याप्त उपलब्धता है। इसके अलावा, मांग के अनुसार जल्द डीएपी और एनपीके जिले को मिल जाएगी। – कुलदीप मिश्रा, जिला कृषि अधिकारी
