रायबरेली जिला अस्पताल की बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं की शर्मनाक तस्वीर सोमवार को सोशल मीडिया पर वायरल हो गईं। हॉर्ट अटैक के मरीज को इमरजेंसी वार्ड में बेड नहीं मिला तो उसे फर्श पर ही लिटा दिया। स्ट्रेचर न मिलने पर लाचार बेटे को पिता को पीठ पर लादकर पैथोलॉजी तक पहुंचाना पड़ा। अस्पताल प्रशासन के लोग और स्टॉफ इसे देखकर तमाशबीन बने रहे। सोशल मीडिया पर दोनों ही वीडियो वायरल होने के बाद अफरातफरी का माहौल है। मामले में डीएम सरनीत कौर ब्रोका ने सीएमएस से रिपोर्ट तलब की है।
गुरुबख्शगंज क्षेत्र के भीतरगांव निवासी दयाराम को हॉर्ट में समस्या होने पर जिला अस्पताल लाया गया। हालत नाजुक होने पर उन्हें इमरजेंसी वार्ड भेज दिया गया, लेकिन वार्ड में बेड खाली न होने के कारण मरीज को फर्श पर ही लिटा दिया गया। यह घटना बीते शनिवार की बताई जा रही है। बाद में मरीज को रेफर कर दिया गया।
इमरजेंसी वार्ड की फर्श पर पडे़ मरीज की वीडियो सोमवार को सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। यही नहीं सोमवार को महराजगंज क्षेत्र के सोथी गांव निवासी शिव प्रसाद अपने पिता का इलाज कराने के लिए जिला अस्पताल आया। यहां टीबी क्लीनिक में चिकित्सीय सलाह लेने के बाद उसे ब्लड की जांच कराने के लिए पैथोलॉजी भेजा गया।
स्ट्रेचर न मिलने पर बूढे़ पिता को अपनी पीठ पर लादकर शिव प्रसाद पैथोलॉजी की ओर निकल पड़ा। रास्ते में अस्पताल के स्टाफ और डॉक्टरों ने उसे देखा, लेकिन किसी ने उसे रोककर स्ट्रेचर की व्यवस्था नहीं कराई। सभी घटना को देखकर तमाशबीन बने रहे। यह वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद अस्पताल प्रशासन की बदहाली की शर्मनाक तस्वीर सबके सामने आ गई। मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने दोनों ही वीडियो के मामले में सीएमएस से रिपोर्ट मांगी है।
