Rajiv Rana and his henchmen underground as soon as the file of the new gang in bareilly

भूमाफिया राजीव राना
– फोटो : अमर उजाला

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बरेली में गोलीकांड के मुख्य आरोपी राजीव राना का भूमाफिया गिरोह पंजीकृत होते ही राजीव और उसके गुर्गे भूमिगत हो गए हैं। हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद राजीव और उसके पारिवारिक सदस्यों के साथ उसके कई गुर्गे भी जेल से बाहर आ गए थे। जेल से बाहर आते ही पुलिस सक्रिय हो गई। 

एसएसपी के निर्देश पर इज्जतनगर थाना पुलिस ने राजीव राना गिरोह को 33 सदस्यों के साथ पंजीकृत किया है। गैंग पंजीकृत होने की भनक राजीव राना को पहले से थी। राजीव समेत उसके भाई, बेटे और गुर्गे फरार हो गए हैं। राजीव गैंग के कई सदस्य पहले से जेल में हैं। पुलिस पीलीभीत बाइपास गोलीकांड के आरोपियों पर एक बार फिर से शिकंजा कसने की तैयारी कर रही है। पुलिस आरोपियों का आपराधिक इतिहास निकाल रही है। जिन आरोपियों पर अधिक मुकदमे होंगे, न्यायालय में उनकी जमानत के विरोध के लिए भी पुलिस पैरवी करेगी।  

UP: बरेली गोलीकांड का मुख्य आरोपी राजीव राना भूमाफिया घोषित, गिरोह में 33 सदस्य; एसएसपी ने की ये कार्रवाई

विवादित भूखंड का पुलिस कर सकती है जब्तीकरण 

पीलीभीत बाइपास पर जिस बेशकीमती प्लॉट को लेकर 22 जून को गोलीकांड हुआ था, उस प्लॉट को लेकर भविष्य में विवाद की गुंजाइश खत्म करने के लिए पुलिस उसे गैंगस्टर एक्ट के तहत जब्त करने की कार्रवाई कर सकती है। पुलिस राजीव राना गिरोह को पंजीकृत कर संपत्ति की जांच में जुट गई है। 

अब आदित्य गुट को पंजीकृत करने की तैयारी है। इसके बाद पुलिस प्रशासन गैंगस्टर की कार्रवाई कर विवादित प्लॉट को जब्त कर सकता है। प्लॉट के अलावा भी दोनों गुटों के लोगों की अवैध व बेनामी कमाई से बनाई संपत्तियों पर भी पुलिस कार्रवाई करेगी।



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