आगरा। आगरा की तेज गेंदबाजी पूरे उत्तर प्रदेश में अपनी रफ्तार का लोहा मनवा रही है। उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (यूपीसीए) के स्पीड हंट अभियान में जिले के पांच युवा पेसरों ने 130+ किमी/घंटा से अधिक की रफ्तार से गेंद फेंककर यूपी अंडर-19 टीम के फाइनल ट्रायल का सीधा टिकट हासिल कर लिया।
सबसे बड़ी उपलब्धि शौर्य प्रताप सिंह के नाम रही, जिन्होंने 135 किमी/घंटा की रफ्तार से गेंदबाजी कर प्रदेशभर में आयोजित स्पीड हंट ट्रायल में अंडर-19 वर्ग के संयुक्त रूप से सबसे तेज गेंदबाज बनने का गौरव हासिल किया। उनके साथ शिवा जादौन, तन्मय गुप्ता और अभय राणा भी अपनी गति के दम पर अंतिम चयन प्रक्रिया तक पहुंच गए। यूपीसीए ने प्रदेश में पहली बार स्पीड हंट अभियान शुरू किया है, जिसका उद्देश्य छिपी हुई तेज गेंदबाजी प्रतिभाओं की पहचान करना है। आधुनिक स्पीड गन से खिलाड़ियों की रफ्तार मापी गई और 130 किमी/घंटा या उससे अधिक गति दर्ज करने वाले अंडर-19 खिलाड़ियों को सीधे फाइनल ट्रायल मैचों में शामिल करने का फैसला लिया गया। शौर्य प्रताप सिंह की 135 किमी/घंटा की रफ्तार पूरे अभियान की सबसे बड़ी उपलब्धियों में गिनी जा रही है। साथ ही शिवा जादौन, तन्मय गुप्ता और अभय राणा ने भी साबित किया कि आगरा अब सिर्फ बल्लेबाज ही नहीं, बल्कि तेज गेंदबाज तैयार करने की नई पहचान भी बना रहा है। अब इन खिलाड़ियों की असली परीक्षा यूपी अंडर-19 टीम के फाइनल ट्रायल मैचों में होगी।
आगरा क्रिकेट एसोसिएशन आगरा के अध्यक्ष सुनील जोशन के मुताबिक उम्मीद है ये खिलाड़ी उत्तर प्रदेश की जर्सी पहनकर जिले का नाम रोशन करेंगे। शौर्य प्रताप सिंह ने कहा कि फाइनल ट्रायल का सीधा मौका मिलना मेरे क्रिकेट कॅरिअर का सबसे बड़ा अवसर है। शिवा जादौन ने कहा स्पीड हंट ने हम जैसे युवा तेज गेंदबाजों को अपनी क्षमता दिखाने का बेहतरीन मंच दिया है।

स्पीडस्टर्स खिलाड़ी
