राज्यपाल और कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने कहा कि राजा महेंद्र प्रताप सिंह यूनिवर्सिटी को जनभवन के बनाए हुए नियमों के हिसाब से ही आगे बढ़ना है।  राजा महेंद्र प्रताप स्वयं शिक्षक थे, इसलिए उनके नाम से बनी यूनिवर्सिटी में बेहतर शिक्षक होने चाहिए। बेटा विदेश में होगा तो अंत समय में आएगा भी नहीं, बेटी पांच किमी पर भी होगी तो मां-बाप के लिए दोड़ी चली आएगी। समर्थ पोर्टल से सभी कुछ होगा। पहले अलग-अलग काम के लिए एजेंसी करोड़ों रुपये ले जाती थीं, फिर भी छात्रों को भटकना पड़ता था, पैसे लिए जाते थे। अब ऐसा नहीं है।

उन्होंने कहा कि संस्कार किसको कहते हैं। बेटी को मारना संस्कार है हमारा, मां को वृद्धा आश्रम में भेजना क्या संस्कार है हमारा ? बच्ची से पूछो तो वह कहते हैं कि आईएएस बनना है। सीएम तो अपना काम करते हैं। कहां पैसा देना, क्या योजना बनाना, यह आईएएस का काम है। वह कैसे कर रहे हैं, यह आप देखते ही होंगे।

उन्होंने कहा कि कैंपस में भी अवार्ड होना चाहिए। कहां कमियां हैं, उसको ढूंढे। जितने एडेड और शासन के कॉलेज हैं, वहां वीसी, मंत्री और डीएम प्रवास करें और देखें कि वहां क्या जरूरत है। उन्होंने भोजन पर बताया कि बच्चे कहते हैं भोजन अच्छा नहीं मिलता। जोमेटो-टोमेटो से मंगवाते हैं, उससे ड्रग्स आती है, इसमें दारू की बोतल आती है। एक दारू की बोतल छात्रावास के पीछे पाई गई। भोजन में लापरवाहीं करने वाले को बदल दीजिए। एक जगह नॉनवेज मसाला पकड़ा गया। स्वादिष्ट भोजन बनाने के लिए नॉनवेज मसाला शोभा देता है क्या ?

उन्होंने कहा कि जो छात्रावास में शिक्षक रहते हैं, वह भोजन को चखें कि कैसा बना है। कैंपस में कैंटीन बनवाएं, वरना स्टूडेंट्स बाहर से मंगवाएंगे। बैंक, पोस्ट ऑफिस बनवाएं। पार्किंग भी बनाई जानी चाहिए। भवन के ऊपर सोलर डलवाएं, आपका बिल जीरो हो जाएगा। मकान पर सोलर लगाओ। मियावाकी वन भी कैंपस में बनाइए। पूरे कैंपस में वाई-फाई लगवाइए। 

एक आईएएस ऑफिसर ने गरीब बेटी के साथ विवाह करूंगा। शादी हुई, विदाई हुई तो बेटी रोने लगी। पूछा तो उसने बताया कि दहेज देने के लिए पिता ने घर बेच दिया। अब पिता कहां रहेंगे। अधिकारी ने पूछा कितने में बेचा। पता चला कि दो लाख में बेच दिया। जमाई राजा ने दो लाख रुपये का चैक जिसने घर खरीदा उसको देकर घर वापस करो। दहेज के लिए खून तक हो रहा है। जो जेल में हैं, उनकी मेरे पास फाइल आती हैं, उनके द्वारा की गई हत्या आदि की। दहेज का विरोध पढ़े लिखे से ही शुरू हो। 

उन्होंने कहा कि 10 हजार से ज्यादा जेल में से मैंने मुक्ति कराई। दहेज के लिए अपराध करने वालों का आंकड़ा सबसे ज्यादा निकल कर आया है। जो दहेज मांगे वहां बेटी मना कर दे कि मुझे ऐसी जगह शादी नहीं करनी। मॉडर्न सिर्फ कपड़े से नहीं, बल्कि विचारों से मॉर्डन होता है। अपनी जड़ों को पकड़ो और आगे बढ़ो।



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