उरई। शनिवार सुबह 8.18 बजे डीएम राजेश कुमार पांडेय ने जिला अस्पताल का निरीक्षण किया। ओपीडी के निरीक्षण में इक्का दुक्का स्टाफ छोड़कर कोई चिकित्सक नहीं पहुंचा था। डीएम ने सभी गैरहाजिर चिकित्सक और स्टाफ की गैरहाजिरी दर्ज की और कार्रवाई के निर्देश दिए। हैरानी की बात यह रही कि डीएम ने दो बार ओपीडी का निरीक्षण किया तब भी कई चिकित्सक अपने कक्षों में नहीं पहुंचे थे।

वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ. एसडी चौधरी, डॉ. अनिल राज, आर्थो सर्जन डॉ. दीपक आर्या, डॉ. मधुसूदन, पैथोलॉजिस्ट डॉ. अमित गुप्ता, माइक्रो बायोलॉजिस्ट डॉ. मानवेंद्र, दंत विशेषज्ञ डॉ. गरिमा तिवारी, डॉ. स्वप्निल, सर्जन डॉ. रंजीत, एनेस्थेटिस्ट डॉ. सचिन राजपूत, एआरटी सेंटर में तैनात डॉ.रुपाली, डॉ. शिवम पचौरी, ईएमओ डॉ. समर विजय, डॉ.अभय, डॉ. आकाश प्रजापति गैरहाजिर मिले। इसके अलावा हेल्प डेस्क मैनेजर ब्रजकिशोर, डीईओ संदीप समेत करीब 15 संविदा और आउटसोर्सिंग कर्मचारी गैरहाजिर मिले।

सीसीटीवी निकलवाऊंगा तो कोई नहीं बचेगा

निरीक्षण के दौरान कई कर्मचारी देरी से पहुंचे और डीएम के सामने तर्क देने लगे कि वह राउंड पर गए थे। डीएम बोले, सही बताओ। वरना सीसीटीवी कैमरे निकलवाकर हकीकत पता चल जाएगी और फिर वह किसी को नहीं छोड़ेंगे। इस पर कई चिकित्सक और कर्मचारियों ने स्वीकारा कि वह देरी से आए थे। भविष्य में सही समय पर पहुंचेंगे।

सिर्फ रविवार को ही ड्यूटी करते

निरीक्षण के दौरान ईएमओ डॉ. समर विजय के सोमवार से हस्ताक्षर नहीं थे। पूछने पर बताया कि वह केवल रविवार को ही ड्यूटी करते हैं। इस पर डीएम ने नाराजगी जताते हुए कहा यह कैसी व्यवस्था है। सीएमएस डॉ. जेजे राम ने कहा कि यह व्यवस्था पूर्व सीएमएस डॉ. आनंद उपाध्याय कर गए थे। इस पर डीएम ने कहा कि यह बहुत गलत है। डॉ. समर विजय को हटाने की कार्रवाई करें। इसी तरह अवधेश के भी चार दिन से रजिस्टर में उपस्थिति दर्ज नहीं थीं। डीएम ने उन्हें भी हटाने के लिए कहा।



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