ताखा। सरावा गांव में शनिवार दोपहर दो बजे हाईटेंशन लाइन से निकली चिंगारी से खेतों में रखे गेहूं के अवशेष व भूसा जलकर राख हो गया। आग ने देखते ही देखते लगभग 100 बीघा खेत राख में तब्दील कर दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार कॉल किए जाने के बाद भी दमकल मौके पर समय से नहीं पहुंची। आग पर गांव के लोगों ने ही जैसे-तैसे काबू पाया।
राजेंद्र जाटव के पांच बीघा खड़ी गेहूं की फसल और दो बीघा गेहूं के गट्ठर, ओंकार चौधरी के आठ बीघा के गट्ठर व रामकुमार के दो बीघा गेहूं के गट्ठर जल गए। वहीं उपेंद्र चौधरी, विशाल और सरला के 35 बीघा गेहूं के अवशेष, रिंकू के 20 बीघा, ईश्वरी देवी व नरेंद्र कुमार के 10-10 बीघा गेहूं के अवशेष आग की भेंट चढ़ गए।
इसके अलावा मोनू शुक्ला के तीन बीघा, राजेश तिवारी के खेत में रखा छह बीघा का भूसा, शिखा तिवारी के छह बीघा का अवशेष, उमाकांत के पांच, राजू व मिठ्ठूलाल के चार-चार बीघा में अवशेष पूरी तरह जल गए। आग की चपेट में विजय बहादुर, वीर बहादुर, श्यामसुंदर और मीना देवी के दो-दो बीघा गेहूं अवशेष भी राख हो गए।
ग्रामीणों ने बताया कि उन्हेंने खुद ही पानी और मिट्टी डालकर आग को आगे पर काबू पाया। आरोप है कि हाईटेंशन लाइन से अक्सर चिंगारी निकलती रहती है लेकिन बिजली विभाग इस ओर ध्यान नहीं दे रहा। उन्होंने प्रशासन से मुआवजा दिलाने की मांग की है। लेखपाल उदय सिंह दोहरे ने बताया कि मौके पर सर्वे की गई रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी जिससे किसानों को राहत मिल सकेगी।
