केंद्रीय सुरक्षा बलों (एसएससी जीडी) में नौकरी दिलाने का झांसा देकर एक दर्जन बेरोजगार युवाओं से गांव के ही दो भाईयों ने 65 लाख रुपये की धोखाधड़ी कर दी। यहीं नहीं एक युवक को तो ओडिशा में प्रशिक्षण के लिए फर्जी जॉइनिंग लेटर और फ्लाइट की टिकट भी करा दी। अचानक दोनों भाईयों के गायब होने के बाद पीड़ितों ने पुलिस अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई है।

प्रकरण मांट थाना क्षेत्र के गांव नसीटी का है। रामगोपाल ने बताया कि उनके गांव के रहने वाले दो सगे भाईयों ने गांव के लोगों को फंसाने का काम शुरू किया। एक ने खुद को असम राइफल और दूसरे ने खुद को यूपी पुलिसकर्मी होने दावा किया। दोनों भाईयों ने रामगोपाल को विश्वास में लिया और कहा कि उनके बड़े बेटे की एसएससी जीडी में नौकरी लगवा देंगे, लेकिन नौकरी के एवज में उन्हें 14 लाख रुपये देने होंगे। दोनों की बातों में आकर रामगोपाल तैयार हो गए। फरवरी 2025 को उन्होंने 20 हजार रुपये दोनों भाईयों को दे दिए और बाकी रकम किस्तों में देने का वादा किया।

एक साल के अंदर मार्च 2026 तक उन्होंने 12.64 लाख रुपये दोनों भाईयों को दे दिए। इसके एवज में उन्होंने फरवरी 2026 को जॉइनिंग लेटर थमाया और ओडिशा में प्रशिक्षण होने का दावा किया। कुछ दिन बाद ओडिशा जाने के लिए फ्लाइट की टिकट भी दे दी। इसके बाद दोनों भाइयों ने उनसे फोन पर बात करना बंद कर दिया। वह परेशान होने लगे और परिचितों से जॉइनिंग लेटर की जांच कराई तो पता चला कि वह फर्जी है।

पुलिस ने भी जॉइनिंग लेटर को फर्जी बताया। राजफाश होने की भनक लगने के बाद दोनों भाई पांच दिन पहले अपनी मां को लेकर गायब हो गए। रामगोपाल ने ग्रामीणों से जानकारी जुटाई तो पता चला कि इसी तरह एक दर्जन लोगों को चूना लगाया है। कुछ लोग अभी अपने स्तर से दोनों भाईयों को ढूंढ रहे हैं। धोखाधड़ी करके दोनों भाई भाग गए। एसपी ग्रामीण सुरेश चंद्र रावत का कहना कि फिलहाल मामले की जांच कराई जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे उसी आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।

बार-बार बाकी रकम मांगने से खुला राज

रामगोपाल ने बताया कि तीन माह पहले दोनों भाई बाकी रकम की मांग करते थे। कहते थे अगर बाकी रकम नहीं दोगे तो उनके बेटे की नौकरी नहीं लगेगी। हालांकि उन्होंने नौकरी लगने के बाद बाकी रकम देने का दावा किया था। बार-बार पैसे की मांग की तब उन्हें संदेह हुआ। इसके बाद पीड़ित ने परिचितों से जॉइनिंग लेटर की जांच कराई तो राजफाश हो गया। फिर दोनों भाईयों ने फोन उठाना बंद कर दिया। धोखाधड़ी के शिकार अधिकांश लोग मध्यम परिवार के हैं।

रिश्तेदारों के पास जा रहे हैं लोग

दोनों भाईयों की ठगी का शिकार हुए लोग उनके रिश्तेदारों के पास जा रहे हैं। वहां बता रहे हैं किस तरह से दोनों ने चूना लगाया है। कई रिश्तेदारों का कहना है कि उन्हें यह पता ही नहीं है कि वे कहां हैं। उन्हें देखे तो काफी दिन हो गए। फोन पर भी बात नहीं हो पाई है। पुलिस ने भी इस प्रकरण की गुपचुप जांच शुरू कर दी है।



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