झांसी। पूर्व विधायक दीपनारायण यादव समेत उनके रिश्तेदारों के आवास से ईडी टीम ने दर्जनों रजिस्ट्री एवं 700 से अधिक अहम दस्तावेज लेकर अपने साथ बृहस्पतिवार को लौट गई।
पूर्व विधायक दीप नारायण के आवास से जमीन कारोबार से संबंधित दस्तावेज, कंपनियों के बीच लेन-देन, तीसरे पक्ष के साथ समझौते, संदिग्ध लेन-देन दिखाने वाले वित्तीय रिकॉर्ड और विभिन्न व्यावसायिक संस्थाओं, परिवार के सदस्यों और सहयोगियों के नाम पर मौजूद लग्जरी संपत्तियों से जुड़े 10 हजार से अधिक पन्नों वाले दस्तावेज बरामद किए। वहीं, जीवनशाह तिराहा के पास जमीन करोबारी विजय सरावगी के दफ्तर से जमीन कारोबार से जुड़े कई दस्तावेज बरामद किए। सीता होटल के पीछे रहने वाले उनके भाई आनंद यादव उर्फ अन्ना के घर से भी करीब 30 लाख नकद समेत जमीन कारोबार से जुड़ी रजिस्ट्री मिली। ईडी इनको भी अपने साथ लेकर गई। पूर्व विधायक के साले एवं पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष अनिरुद्ध यादव उर्फ बड़े राजा के यहां से शेल कंपनियों से जुड़े दस्तावेज मिले। पूर्व विधायक की बुढ़ावली स्थित ससुराल से एक किलो सोने के गहने समेत नकदी मिली। पूर्व विधायक के करीबी अशोक गोस्वामी के घर से भी करोड़ों रुपये के जमीन कारोबार से जुड़े दस्तावेज बरामद हुए। आरटीओ ऑफिस के पास बने सील हुए मकान से भी जमीन एवं खनन से जुड़े कई दस्तावेज बरामद हुए। ईडी ने कंप्यूटर ड्राइव, हार्ड डिस्क समेत नामी-बेनामी संपत्ति और बैंक खातों से संबंधित रिकार्ड भी अपने साथ लेकर गई है।
तड़के तीन बजे तक चलती रही कार्रवाई
आरटीओ ऑफिस के बाद पूर्व विधायक दीपनारायण के सील हो चुके आवास में भी छानबीन करने ईडी टीम पहुंची थी हालांकि इसकी सील खोलने को लेकर प्रशासनिक अफसरों के बीच काफी देर तक ऊहापोह रही। आला अफसरों की दखल के बाद आवास की सील खोली गई। यहां तड़के करीब तीन बजे तक दस्तावेज खंगाल गए। यहां से टीम कई दस्तावेज लेकर अपने साथ गई। यहां से जाने के बाद आवास को फिर से सील कर दिया गया। सभी जगह कार्रवाई करने के बाद सुबह करीब 8 बजे ईडी टीम वापस लौट गई। अब बरामद हुए दस्तावेजों की पड़ताल के बाद पूर्व विधायक समेत उनके करीबियों से जवाब मांगा जाएगा।
ईडी जैसी बड़ी एजेंसी की जांच पर भरोसा: दीपनारायण
पूर्व विधायक दीपनारायण यादव ने कहा कि उनको ईडी जैसी बड़ी एजेंसी की जांच प्रक्रिया पर पूरा भरोसा है। जांच के दौरान सही बात सामने जाएगी। उनका कहना है कि विजिलेंस जांच के दौरान सिर्फ उनकी आय और खर्च का समुचित आकलन नहीं किया गया। उनकी ओर से इन दोनों के ब्योरे दिए गए लेकिन, सिर्फ आय को ही शामिल किया गया। अगर उनकी ओर से बताए ब्यौरे को शामिल किया जाता, तब उनके खिलाफ कोई मामला ही नहीं बनता। उनका कहना है कि वह ईडी को जांच में सहयोग करने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। ईडी की ओर से जो भी सवाल पूछे जाएंगे उनका जवाब दिया जाएगा।
