
डॉ. निर्मला सिंह ‘निर्मल’ की इस कृति का विमोचन हिंदी संस्थान के प्रेमचंद सभागार में रविवार को
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डॉ. निर्मला सिंह ‘निर्मल’ की इस कृति का विमोचन हिंदी संस्थान के प्रेमचंद सभागार में रविवार को
लखनऊ। इहौ कवित्त आय… ऐसी कृति है जिसमें अवधी भाषा का लालित्य प्रदर्शित होता है। डॉ. निर्मला सिंह ‘निर्मल’ की इस कृति में कविताओं का संकलन है जिसका विमोचन उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान के प्रेमचंद सभागार में रविवार को किया गया। उनकी एक अन्य हास्य-व्यंग्य कहानियों की कृति ‘अहा जिंदगी-वाह जिंदगी’ का भी विमोचन किया गया। मुख्य अतिथि पद्मश्री विद्याविंदु सिंह रहीं। विशिष्ट अतिथि पूर्व मंत्री डॉ. महेंद्र सिंह ने दोनों पुस्तकों की सराहना की। समारोह की अध्यक्षता डॉ. राम कठिन सिंह ने की। सेवानिवृत्त शिक्षिका डॉ. निर्मला सिंह ने बताया कि अब तक उनकी 11 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं, कई साझा संग्रहों में भी उन्होंने लेखन किया है। लविवि के हिंदी विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रो. केडी सिंह और प्रो. ऊषा सिंह समेत कई साहित्यकार मौजूद रहे।