झांसी। प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग में ऑपरेशन से पहले मरीजों से ग्लव्स, मास्क और टांके तक बाहर से मंगाए जाने के खुलासे के बाद बुधवार को मेडिकल कॉलेज प्रशासन में हड़कंप मच गया। प्राचार्य डॉ. सुधीर कुमार ने तत्काल विभागाध्यक्ष और फार्मेसी इंचार्ज को आमने-सामने बैठाकर स्टोर में उपलब्ध सामग्री और मरीजों से खरीदारी कराने के कारणों पर जवाब-तलब किया। पूरे प्रकरण की जांच के आदेश दे दिए गए हैं।
अमर उजाला ने बुधवार के अंक में ‘हालात : ऑपरेशन से पहले बाहर से मंगवा रहे ग्लव्स, टांके’ शीर्षक से प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी। खबर में उजागर किया गया था कि ऑपरेशन से पहले प्रसूताओं के परिजनों को दवाओं और सर्जिकल सामग्री की लंबी सूची थमा दी जाती है। आरोप है कि मरीजों को बाजार से महंगे दामों पर सामान खरीदने के लिए मजबूर किया जाता है।
खबर प्रकाशित होने के बाद प्राचार्य ने विभागाध्यक्ष से पूरे मामले की जानकारी ली। बैठक में केंद्रीय स्टोर के प्रभारी भी मौजूद रहे। स्टोर में उपलब्ध सामग्री और मरीजों को बाहर से सामान लिखे जाने के बीच के विरोधाभास पर अधिकारियों ने जवाब मांगा। प्राचार्य ने स्पष्ट किया कि जांच में यदि किसी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
रिकॉर्ड ने खोली पोल, स्टोर में हजारों की संख्या में मिला सामान
जांच के दौरान केंद्रीय स्टोर का रिकॉर्ड ही कई सवाल खड़े करता नजर आया। बुधवार सुबह स्टोर में सर्जिकल ग्लव्स 34,102, कैप 36,530, मास्क 43,750, एक्जामिनेशन ग्लव्स 2,29,550 तथा टांके लगाने के चार प्रकार के धागे उपलब्ध मिले। पर्याप्त स्टॉक होने के बावजूद मरीजों से यही सामान बाहर से मंगवाए जाने पर अब सवाल उठ रहे हैं।
एसएनसीयू में बढ़ेंगे पांच बेड
झांसी। एसएनसीयू में बेड उपलब्ध न होने के कारण नवजात को दोबारा भर्ती न किए जाने के मामले के बाद मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने सुविधा बढ़ाने का निर्णय लिया है। बुधवार को प्राचार्य ने विभागाध्यक्ष डॉ. जीएस चौधरी के साथ बैठक कर तत्काल पांच अतिरिक्त बेड बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि अगले दो दिनों में एसएनसीयू की क्षमता बढ़ाकर 15 बेड कर दी जाएगी।
