बाह। जैतपुर के पारसनाथ दिगंबर जैन मंदिर में मंगलवार को सिद्धचक्र महामंडल विधान के दूसरे दिन जयपुर के आचार्य सम्मेद जैन शास्त्री ने कहा कि भगवान की भक्ति सांसारिक दुख को नष्ट करती है। विधान या पूजा में शुद्ध भाव का बहुत महत्व है। भगवान के प्रति सच्चा अनुराग ही चमत्कार को प्रकट करता है। कहा कि जीवन में भक्ति को ऐसा जगाए कि वह भाव विशुद्धि के साथ दिन दूनी रात चौगुनी वृद्धि करें। विधान में अभिषेक, पूजन एवं शांतिधारा की गई। दूसरे दिन सिद्ध भगवान के 16 उत्तर गुणों को मुख्य मानकर विशेष पूजा की गई। इस दौरान महेश कुमार, प्रताप जैन, गौरव जैन, मनोज जैन, राहुल जैन, मुकेश जैन, प्रिंस जैन, सीता जैन, विनाका जैन, बबीता जैन, सुनीता, संध्या, नीतू जैन, दीक्षा जैन, खुशी जैन, अक्षिता, कंचन, आकांक्षा आदि रहे।
