झांसी। झांसी जनपद के पशु चिकित्सालयों में फार्मासिस्टों की कमी है। कुल 22 स्वीकृत पदों में से 13 पद पिछले कई साल से खाली पड़े हैं। इस कमी के कारण पशुओं के इलाज में गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। जनपद में चार लाख 74 हजार से ज्यादा पशुधन है।

जनपद में कुल 22 पशु चिकित्सालय संचालित हैं। इनमें फार्मासिस्ट के 22 पद स्वीकृत हैं। वर्तमान में केवल नौ चिकित्सालयों में ही फार्मासिस्ट कार्यरत हैं। शेष फार्मासिस्टों की नियुक्ति नहीं हुई है। इस कारण पशुपालकों को इलाज कराने में लगातार परेशानी झेलनी पड़ रही है। हालांकि, सभी पशु चिकित्सालयों में चिकित्सकों के पद भरे हुए हैं। पशुओं का इलाज अवकाश के दिनों को छोड़कर प्रतिदिन सुबह 8:30 बजे से दोपहर 2:30 बजे तक किया जाता है। फार्मासिस्ट की अनुपस्थिति से दवाओं के वितरण और अन्य सहायक कार्यों में बाधा आ रही है। इससे पशुपालकों को परेशानी हो रही है और पशुओं को समय पर उचित उपचार नहीं मिल पा रहा है।

इन चिकित्सालयों में नहीं हैं फार्मासिस्ट

जनपद के नौ पशु चिकित्सालयों में फार्मासिस्ट कार्यरत हैं। इनमें बबीना, कैंट झांसी, खैलार, बघेरा, चिरगांव, मऊरानीपुर, गरौठा, सदर झांसी और रक्सा शामिल हैं। वहीं इनमें टहरौली, मोंठ, गुरसराय, पूंछ, बड़ागांव, बामौर, समथर, बबीना, बंगरा, एरच, अक्सेव, भंडरा और उल्दन के अस्पताल में पद खाली पड़े हैं।

कोट्स

फार्मासिस्टों की कमी है इनकी भर्ती के लिए प्रक्रिया शुरू हो गई है। जल्द से जल्द पद भर जाएंगे।

डॉ. नीरज चौधरी

प्रभारी, सीवीओ



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