उरई। किसी दूसरे के खेत में लगाया गया ट्रांसफार्मर न हटवाना अब बिजली निगम के एसडीओ को भारी पड़ेगा। मामले की बार-बार शिकायत आईजीआरएस पर आने के बाद एसडीएम ने जब इसकी जांच कराई तो एसडीओ को भ्रामक आख्या लगाने का दोषी माना। इस संबंध में उन्होंने एसडीओ के विरुद्ध कार्रवाई के लिए डीएम को पत्र भेजा है। संपूर्ण समाधान दिवस में भी यह प्रकरण कई बार आया और निर्देश दिए जाने के बाद भी इसमें कोई कार्रवाई नहीं की गई।

तहसील जालौन के ग्राम करहिया निवासी गिरजा शंकर ने आईजीआरएस पर शिकायत की थी। इसमें बताया था कि उसके खेत से सटे खेत मालिक ने मेड़ पर नियम विरुद्ध ट्यूबवेल के लिए दो पोल लगवाकर ट्रांसफार्मर लगवा लिया है, जिसकी सप्लाई उसके खेत से जाती है। इससे उसकी फसल को नुकसान हो रहा है।

बिजली निगम के अधिकारियों से कई बार शिकायत की पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। गिरजा शंकर यह प्रकरण लेकर कई बार जनसुनवाई में भी गए, पर समस्या का समाधान नहीं किया गया। मामला लंबित होने पर जालौन एसडीएम राकेश सोनी ने नायब तहसीलदार को स्थलीय जांच के आदेश दिए। जांच रिपोर्ट में बताया गया कि ट्रांसफार्मर नियम विरुद्ध स्थापित कराया गया है।

एसडीओ कुठौंद निखिल जिंदल की ओर से लगातार इसको लेकर भ्रामक आख्या लगाई जा रही है, जिस कारण प्रकरण निस्तारित नहीं हो पा रहा है। रिपोर्ट में इस बात का भी जिक्र किया गया है कि संपूर्ण समाधान दिवस पर यह प्रकरण कई बार आया और ट्रांसफार्मर हटवाने के निर्देश एसडीओ को दिए गए, बावजूद इसके उन्होंने ट्रांसफार्मर नहीं हटावाया।

रिपोर्ट में एसडीओ पर ट्रांसफार्मर लगवाने वाले का साथ दिए जाने का भी आरोप लगाया गया है। इसी रिपोर्ट को आधार बनाते हुए एसडीएम राकेश सोनी ने एसडीओ पर कार्रवाई करने के लिए डीएम को पत्र लिख दिया है।

एसडीएम राकेश सोनी ने बताया कि एसडीओ लगातार निर्देशों की अवहेलना कर रहे थे, इसलिए उनके विरुद्ध कार्रवाई के लिए पत्र लिखा है। इधर, बिजली निगम वितरण खंड द्वितीय के अधिशासी अभियंता पुष्यदेव सिंह ने बताया कि उनको अभी तक कोई पत्र प्राप्त नहीं हुआ है। पत्र मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।



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