आंदोलन के बीच जौहर यूनिवर्सिटी को बड़ी राहत मिली है। रामपुर विकास प्राधिकरण (आरडीए) की ओर से 38 भवनों को ध्वस्त करने के आदेश के खिलाफ दायर अपील पर सुनवाई करते हुए मुरादाबाद कमिश्नर आंजनेय कुमार सिंह ने अगली सुनवाई तक राहत देते हुए ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर रोक लगा दी है।
इसके साथ ही फिलहाल यूनिवर्सिटी पर बुलडोजर कार्रवाई नहीं होगी। जौहर ट्रस्ट ने आरडीए के ध्वस्तीकरण आदेश को चुनौती देते हुए मंडलायुक्त न्यायालय में वैधानिक अपील दाखिल की थी। सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान मंडलायुक्त ने मामले में अंतरिम आदेश जारी करते हुए आरडीए की कार्रवाई पर रोक लगा दी।
इससे पहले आरडीए ने जौहर यूनिवर्सिटी के 40 में से 38 भवनों को बिना स्वीकृत मानचित्र के निर्मित बताते हुए उन्हें अवैध घोषित किया था और ध्वस्त करने के आदेश जारी किए थे। इस आदेश के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन, जौहर ट्रस्ट, छात्र और कर्मचारी लगातार विरोध कर रहे थे।
विश्वविद्यालय परिसर में छात्रों का धरना भी कई दिनों से जारी है। जौहर ट्रस्ट का कहना था कि प्राधिकरण ने सभी तथ्यों और दस्तावेजों पर समुचित विचार किए बिना कार्रवाई की है। इसी के चलते ट्रस्ट ने मंडलायुक्त न्यायालय के साथ-साथ हाईकोर्ट का भी दरवाजा खटखटाया था।
मंडलायुक्त के अंतरिम आदेश के बाद फिलहाल ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर रोक लग गई है। अब मामले की अगली सुनवाई में दोनों पक्षों की दलीलों के आधार पर आगे का निर्णय लिया जाएगा। इस आदेश के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन, छात्रों और कर्मचारियों ने राहत की सांस ली है।
