
बुजुर्ग। सांकेतिक चित्र
– फोटो : freepik
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बुजुर्ग। सांकेतिक चित्र
– फोटो : freepik
डिजिटल अरेस्ट के नाम पर साइबर ठगी का एक और मामला सामने आया है। सेवानिवृत्त कर्मचारी को खाते से टेरर फंडिंग करने और पीएफआई जैसे संगठन से जुड़ा होने का डर दिखाया गया। तीन दिन तक कई-कई बार वीडियो कॉल पर बात की। इसके बाद खाते में 17.75 लाख रुपये जमा करा लिए। ठगी का पता चलने पर पुलिस से शिकायत की। मामले में 22 दिन बाद प्राथमिकी दर्ज की गई है।
सैनिक नगर, राजपुर चुंगी निवासी कुंदन सिंह (65) दूर संचार विभाग के सेवानिवृत्त कर्मचारी हैं। उन्होंने बताया कि 14 अप्रैल को अज्ञात नंबर से व्हाट्सएप कॉल आया था। कॉल करने वाले ने खुद को पुलिस अधिकारी बताते हुए दावा किया कि उनके आधार कार्ड का इस्तेमाल करके एक सिम कार्ड लिया गया है। इसका प्रयोग देश विरोधी गतिविधियों में किया गया है। इतना ही नहीं उनको यह भी बताया कि उनके आधार कार्ड से केनरा बैंक में एक खाता खुलवाया गया है, जिसमें लगभग ढाई करोड़ रुपये की टेरर फंडिंग की गई है।