आगरा में शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम के तहत चयनित बच्चों को प्रवेश दिलाने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। जिले में हुए सत्यापन के दौरान सामने आया है कि करीब 30 प्रतिशत निजी विद्यालयों ने अब तक बच्चों को प्रवेश नहीं दिया है।
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आगरा में शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम के तहत चयनित बच्चों को प्रवेश दिलाने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। जिले में हुए सत्यापन के दौरान सामने आया है कि करीब 30 प्रतिशत निजी विद्यालयों ने अब तक बच्चों को प्रवेश नहीं दिया है।
बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) डॉ. राकेश सिंह ने इस आनाकानी को गंभीर माना है। उनका कहना है कि प्रवेश न लेने वाले विद्यालयों पर एक लाख रुपये तक जुर्माना लग सकता है। लगातार नियमों की अनदेखी पर मान्यता प्रत्याहरण (रद्द करने) की कार्रवाई भी प्रस्तावित की जा सकती है। शासन की मंशा के अनुरूप आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्ग के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना प्राथमिकता है।
कोई विद्यालय आरटीई के तहत चयनित बच्चे को प्रवेश देने से मना करता है या अनावश्यक बाधाएं खड़ी करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई तय है। उन्होंने खंड शिक्षा अधिकारियों को विद्यालयवार समीक्षा कर लंबित प्रवेश की रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं। साथ ही चयनित बच्चों के अभिभावकों से संपर्क कर जल्द से जल्द प्रवेश सुनिश्चित कराने के लिए कहा गया है।