बाराबंकी और गोरखपुर से गिरफ्तार किए गए संदिग्ध आतंकी पिछले पांच महीने से पाकिस्तानी हैंडलर्स के संपर्क में थे। हैंडलर्स ने उनको रकम भी भेजी थी। इसका खुलासा एटीएस की जांच में हुआ है। जांच एजेंसी सोशल मीडिया से मिले सुबूतों की तस्दीक कर रही है। जल्द दोनों आरोपियों को कस्टडी रिमांड पर लेने के लिए कोर्ट में अर्जी देगी।

एसटीएस ने बाराबंकी के दानियाल अशरफ और कुशीनगर के कृष्णा मिश्रा को गिरफ्तार किया था। बुधवार को एटीएस ने खुलासा किया था कि दोनाें पाकिस्तानी हैंडलर्स शहजाद भट्टी और आईएसआई एजेंट्स के संपर्क में थे। 

उनके कहने पर वह रक्षा प्रतिष्ठानों समेत अन्य तमाम प्रमुख व संवेदनशील स्थानों की रेकी कर रहे थे। वर्दीधारियों की हत्या करने की साजिश रच रहे थे। एटीएस के मुताबिक आरोपियों खातों में पैसों का ट्रांजेक्शन मिले हैं। 

ये रकम कम जरूर है, लेकिन पाकिस्तानी हैंडलर्स द्वारा भेजी गई है। आरोपी कृष्णा सोनीपत में एक जींस की शॉप में जबकि दानियाल एक ज्वैलरी की दुकान पर काम करता था। 

एटीएस का कहना है कि रिमांड पर लेकर आरोपियों से पूछताछ की जाएगी, जिससे पता चल सकेगा कि हथियार किसने मुहैया कराया था। 

और कौन कौन लोग निशाने पर थे। वहीं सोशल मीडिया अकाउंट से पता चला है कि दोनों ने अपने स्तर से सौ से अधिक युवाओं को देश विरोधी वीडियो व मैसेज भेजे थे। जो लोग इन दोनों से जुड़े थे, उनके बारे में भी जांच एजेंसी जानकारी जुटा रही है।

 



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