धोखाधड़ी से कंपनी हड़पने के आरोप में एमएलसी अक्षय प्रताप सिंह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया की पत्नी भानवी की अर्जी पर एमपी एमएलए कोर्ट के विशेष एसीजेएम अलोक वर्मा ने सात मई को इंस्पेक्टर हजरतगंज को अक्षय के अलावा कुछ अन्य पर मामला दर्ज कर विवेचना का आदेश दिया था।

भानवी की ओर से अर्जी में कहा गया कि उन्होंने अक्षय प्रताप सिंह व अन्य के साथ मिलकर 10 फरवरी 2014 को एक साझेदारी फर्म का पंजीकरण कराया। फर्म में करोड़ों रुपये का निवेश किया गया।  फर्म के नाम पर पांच करोड़ रुपये से ज्यादा की चल अचल संपत्ति बनाई गई। इन पर अक्षय प्रताप सिंह का कब्जा है।

आरोप है कि अक्षय प्रताप और उनके सहयोगियों ने फर्म की संपत्तियों को हड़पने के लिए पंजीकरण के अभिलेखों में हेरफेर कर फर्जी अभिलेख बनवाए। इनमें भानवी के जाली हस्ताक्षर कर 15 नवंबर 2020 को कूटरचित कागज बनाए गए। फर्म के पंजीकरण का पता भी बदल कर अक्षय प्रताप सिंह के लखनऊ स्थित निजी आवास का करा लिया गया।

अर्जी पर विशेष एसीजेएम कोर्ट ने अक्षय प्रताप सिंह, रोहित कुमार सिंह, अनिल सिंह एवं रामदेव यादव सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर विवेचना का आदेश दिया था। इंस्पेक्टर विक्रम सिंह का कहना है कि विवेचना की जा रही है। साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।



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