
कूड़े का ढेर
– फोटो : अमर उजाला
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कूड़े का ढेर
– फोटो : अमर उजाला
शहर में सफाई व्यवस्था के नाम पर आगरा नगर निगम हर साल 375 करोड़ रुपये खर्च कर रहा है। दो हजार सफाई कर्मियों की संख्या बढ़ी है, लेकिन शहर में कचरे के ढेर नहीं घटे। मंदिरों, सड़कों, कॉलोनियों, रेलवे लाइन और प्रमुख चौराहों के पास कचरे के ढेर लगे हैं। नगर निगम के अधिकारी 88 फीसदी घरों से कचरा लेने का दावा कर रहे हैं, लेकिन सड़क किनारे अवैध डलावघरों और कॉलोनियों के खाली प्लॉटों में कचरे के ढेर लोगों की परेशानी बढ़ा रहे हैं। यह हाल तब है, जब स्वच्छ सर्वेक्षण की टीम इसी माह आनी है।
मन:कामेश्वर और पृथ्वीनाथ मंदिर के पास कचरे के ढेर लगे होने पर श्रद्धालुओं ने आक्रोश जताया। वहीं कमला नगर रोड पर अबुल उला दरगाह के पास मैदान में कचरा पड़ा हुआ मिला। यहां हर बृहस्पतिवार को हजारों लोग पहुंचते हैं। बल्केश्वर, ट्रांसपोर्ट नगर, अवधपुरी, दयालबाग, पश्चिमपुरी, अलबतिया रोड, मारुति एस्टेट रोड, ताजगंज में कचरे के ढेर लगे हुए हैं। खास बात ये है कि ये स्थान डलावघर के रूप में पंजीकृत नहीं हैं। नगर निगम डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन कर इसे कुबेरपुर लैंडफिल साइट तक पहुंचाने के लिए हर साल 70 करोड़ रुपये खर्च करता है।