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केंद्र की मोदी और प्रदेश की योगी सरकार प्राकृतिक खेती को तेजी से बढ़ावा दिया जा रहा है। रासायनिक खादों से मिट्टी की सेहत और मानव स्वास्थ्य पर पड़ रहे विपरीत प्रभावों को देखते हुए, इसे कृषि और किसानों के भविष्य के लिए जरूरी माना जा रहा है। कृषि लागत को कम करने और उपज को रसायन मुक्त बनाने के लिए डबल इंजन की सरकार प्रदेश में इस मिशन को लागू कर रही है।
इसी कड़ी में बिचपुरी स्थित कृषि विज्ञान केंद्र में प्राकृतिक खेती विषयक कार्यशाला और विकास प्रदर्शनी का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ उत्तर प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) मंत्री तथा जनपद के प्रभारी मंत्री भूपेंद्र सिंह चौधरी और फतेहपुर सीकरी के सांसद राजकुमार चाहर ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर कृषि विभाग सहित विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनियों के माध्यम से किसानों को नवीनतम कृषि तकनीकों और सरकारी योजनाओं से अवगत कराया गया।

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प्रभारी मंत्री भूपेंद्र सिंह चौधरी
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
प्रभारी मंत्री भूपेंद्र सिंह चौधरी ने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए उत्तर प्रदेश की योगी सरकार के किसान हितैषी कार्यों का प्रमुखता से जिक्र किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में डबल इंजन की सरकार ने बिजली, सड़क, शिक्षा और सुरक्षा के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य किया है। योगी सरकार में किसानों को पर्याप्त और निर्बाध बिजली मिल रही है।

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प्रभारी मंत्री भूपेंद्र सिंह चौधरी
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सिंचाई के लिए किसानों को अब महंगे डीजल पर निर्भर नहीं रहना पड़ता, क्योंकि सरकार ने किसानों को नलकूपों के लिए मुफ्त बिजली की सुविधा दी है जिससे उनकी आय में सीधा इजाफा हुआ है। उन्होंने किसानों से आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए गो-आधारित और प्राकृतिक खेती को अपनाने की अपील की।

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किसान
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सांसद राजकुमार चाहर ने किसानों को संबोधित करते हुए पारंपरिक खेती में रासायनिक खादों के खतरों के प्रति आगाह किया। उन्होंने कहा कि ज्यादा पैदावार की चाह में रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों का अंधाधुंध उपयोग हो रहा है, जिससे न केवल मिट्टी की उर्वरा शक्ति खत्म हो रही है, बल्कि कैंसर और हृदय रोग जैसी जानलेवा बीमारियां भी बढ़ रही हैं। सांसद ने किसानों से अपील की कि वे स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए जैविक खाद, गोबर और प्राकृतिक खेती की पद्धतियों की ओर लौटें। केंद्र और राज्य सरकार इसके लिए कई योजनाएं चला रही हैं, जिनका किसानों को भरपूर लाभ उठाना चाहिए।

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किसान को चाबी देते हुए
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
आयोजन के दौरान प्राकृतिक खेती के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रगतिशील किसानों अक्षय कुमार, कल्पना मिश्रा, घनश्याम, नवल सिंह और मान सिंह को प्रमाण-पत्र व अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया।
