घर बुलाकर सहेली की फावड़े से गला काटकर हत्या के मामले में अपर जिला जज आलोक कुमार की अदालत ने अभियुक्ता राखी वर्मा को दोषी करार दिया और आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया। 70 प्रतिशत राशि मृतका के बच्चों को बतौर क्षतिपूर्ति देने का आदेश दिया। इस दौरान अदालत में नौ गवाह परीक्षित हुए।

क्या है पूरा मामला

21 अप्रैल 2022 की सुबह 9.30 बजे अभियुक्ता राखी वर्मा ने अपने मोबाइल से कंचन वर्मा को फोन कर ब्लाउज के डिजाइन के बहाने 10 मिनट के लिए अपने घर टक्खू की बौली, मंटूका कपसेठी बुलाया। कंचन पति संजय वर्मा की बाइक से राखी के घर पहुंची। ठीक 45 मिनट बाद कंचन के ही मोबाइल से राखी ने संजय को फोन किया। कहा डायल 112 पर फोन कर अपनी पत्नी को ले जाओ। 

खून से लथपथ पड़ा था कंचन का शव

संजय जब राखी के घर पहुंचा तो पता चला कि कंचन छत पर है। छत पर गया तो दरवाजा अंदर से बंद था। खटखटाने पर राखी ने दरवाजा खोला। कंचन का खून से लथपथ शव पड़ा था, उसका गला कटा हुआ था और पास में ही खून लगा फावड़ा पड़ा था। इसके बाद संजय ने फोन कर पुलिस को सूचना दी। पुलिस व फॉरेंसिक टीम ने जांच की और हत्या में प्रयुक्त फावड़े को कब्जे में लिया। कंचन वर्मा के शरीर पर चोट के कई निशान थे। पुलिस जांच और आरोपी महिला के बयान के अनुसार दोनों के बीच घनिष्ठ संबंध थे।



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