मुहर्रम की सातवीं तारीख पर मंगलवार को अंजुमन-ए-पंजतनी, शाहगंज की ओर से चिल्लीपाड़ा पुराने इमामबाड़े से अलम का जुलूस निकाला गया। अमीर अहमद के कदीमी नौहे जैनब लिपट के रोईं अब्बास के अलम से…कर्बला के जंगलों में शाह का घराना है, तीन दिन के प्यासों को रोने का जमाना है…के साथ आगाज हुआ तो हर आंख नम हो गई। या सकीना..या अब्बास की सदाएं गूंज उठीं। काले लिबास में सीनाजनी करते हुए लोग हजरत अब्बास की शहादत का गम मना रहे थे। नौजवानों ने जंजीर और कमां से अपने नंगे बदन को लहूलुहान कर लिया।
