अंबेडकरनगर में चारों बच्चों की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट हत्या को अंजाम देने के लिए की गई बर्बरता को बयां कर रही है। रविवार सुबह पोस्टमार्टम शुरू हुए तो डॉक्टरों के भी रोंगटे खड़े हो गए। चारों बच्चों के सिर पर चौड़े मुंह वाले सिलबट्टे या भारी पत्थर से ताबड़तार प्रहार किए गए थे, जिसकी वजह से बच्चों के सिर की हड्डियां टूट गई थीं। 

इतना ही उन्होंने तीव्र असर वाले जहरीले पदार्थ का सेवन भी कराया गया था, इसकी पुष्टि के लिए विसरा सुरक्षित किया गया है। चार बच्चों शफीक, सऊद, उमर और बयान उर्फ सादिया के पोस्टमार्टम के लिए डॉ. नूर अहमद, डॉ. आशुतोष श्रीवास्तव व डॉ. पवनवी देव का पैनल बनाया गया। 




Ambedkarnagar Mass Murder Case children heads were crushed by heavy stone their bones were broken

गांव में शव पहुंचे तो लोग रो पड़े।
– फोटो : amar ujala


साथ ही वीडियोग्राफी भी कराई गई। सबसे पहले सुबह करीब छह बजे सादिया का पोस्टमार्टम शुरू किया गया। उसके सिर से लगातार रक्तस्राव हो रहा था। पत्थर या सिलबट्टे से सिर के दाहिनी ओर तीन से चार बार तेज प्रहार किए गए थे। इससे रकल (कपाल) की हड्डियां टूट चुकी थीं।

 


Ambedkarnagar Mass Murder Case children heads were crushed by heavy stone their bones were broken

जोहर की नमाज के बाद चारों बच्चों का अंतिम संस्कार किया गया
– फोटो : amar ujala


इसी तरह शफीक, सऊद और उमर के सिर पर भी प्रहार किए गए थे। चारों बच्चों की हत्या को शुक्रवार रात 12 से एक बजे के बीच में अंजाम दिए जाने की बात सामने आ रही है। बच्चों को रात के खाने में जहरीला पदार्थ दिए जाने की भी पुष्टि हुई है। 

 


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वारदात से परिजन बदहवास हैं।
– फोटो : amar ujala


माना जा रहा है कि बच्चों के बेहोश होने के बाद इस पूरे घटनाक्रम को अंजाम दिया गया। सीओ सिटी नितीश कुमार तिवारी ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में किसी भारी पत्थर जैसी वस्तु से प्रहार कर हत्या करने को पुष्टि हुई है। 


Ambedkarnagar Mass Murder Case children heads were crushed by heavy stone their bones were broken

आरोपी गासिया खातून
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी


मेमोरी कार्ड मिलने में हुई देरी

डीएम ईशा प्रिया ने शनिवार की रात में ही पोस्टमार्टम कराने की अनुमति दे दी थी, लेकिन रात करीब दो बजे तक चारों बच्चों के शवों का पंचनामा और कागज तैयार करने की प्रक्रिया चलती रही। वीडियोग्राफी के लिए पर्याप्त क्षमता का मेमोरी कार्ड रात में मुहैया नहीं हो गाया, ऐसे में पोस्टमार्टम में देरी हो गई।

 




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