टोरंट पावर के 431 करोड़ रुपये नगर निगम ने माफ कर दिए, लेकिन हमारे क्षेत्र में सड़कें बनाने के लिए बजट नहीं है। बस्तियों में सीवर उफना रहा है और लोग पानी की बूंद-बूंद के लिए तरस रहे हैं। ये आरोप लगाते हुए कोटली बगीची और काजीपाड़ा क्षेत्र के लोगों ने सोमवार को नगर निगम कार्यालय में प्रदर्शन किया। मेयर के प्रति आक्रोश जताते हुए डॉ. आंबेडकर अनुयायी एकता फाउंडेशन ने बुधवार को फिर से प्रदर्शन और धरने की चेतावनी दी।
लोग अपने हाथों में टोरंट पर मेहरबानी, बस्तियों में सड़कें, न पानी जैसे स्लोगन लिखी तख्तियां लेकर निगम कार्यालय पहुंचे। गेट पर ही उन्हें रोक दिया गया तो वे वहीं धरने पर बैठ गए और मेयर हेमलता दिवाकर के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। आशीष प्रिंस ने कहा कि तीन साल से केवल आश्वासन मिल रहा है। मंगलवार तक क्षेत्र में पहुंचकर निरीक्षण कर एस्टीमेट तैयार नहीं किया गया तो बुधवार को फिर निगम में ही धरने पर बैठ जाएंगे।
राहुल वरुण ने कहा कि काजीपाड़ा में माहौर समाज की बगीची जर्जर हालत में है। कोटली बगीची में घरों के सामने सड़कें टूटी हैं और गंदा पानी भरा हुआ है। जगदीशपुरा, लोहामंडी में टूटे नालों, सीवर और गंदगी के कारण लोग परेशान हैं। इस दौरान विवेक बौद्ध, नितिन सोनी, रोहित सोनी, नरेंद्र बौद्ध, बलदेव सिंह, शाकिर अली, जयंती देवी, माया देवी, रोहन माथुर, चंद्रा देवी आदि मौजूद रहे।
