राजधानी में पारा 44 डिग्री पहुंच जाने के बाद मच्छरों का खात्मा नहीं हुआ। इस साल बेमौसम हुई बारिश ने डेंगू-मलेरिया मच्छरों के पनपने के लिए मुफीद बना दिया। यही वजह है कि डेंगू-मलेरिया व चिकनगुनिया मच्छरों ने लोगों को काटकर अस्पताल में भर्ती करा दिया। विशेषज्ञों का कहना है इस साल कई दफा हुई बारिश से लार्वा पनप गया। इससे भीषण गर्मी में भी मच्छरों की तादाद कम नहीं हुई।

राजधानी में इस साल मार्च से जून तक डेंगू-मलेरिया मच्छरों ने खूब कहर बरपाया। बेमौसम लोगों को काटकर उन्हें बीमार बना दिया। इसमें कई मरीजों को अस्पताल में भर्ती होने की नौबत आ गई। इस साल मार्च से जून तक डेंगू के 51 मामले सामने आए। जबकि मलेरिया के 131 मामले सामने आए हैं। 

वहीं चिकनगुनिया के आठ मरीज मिले हैं। यह सरकारी विभाग के आंकड़े हैं। जबकि मरीजों की संख्या इससे काफी अधिक है। डेंगू एलाइजा जांच में पॉजिटिव आए मरीजों का यह आंकड़ा है। सीएमओ डॉ. एनबी सिंह का कहना है भीषण गर्मी में मच्छर मर जाते हैं। बेमौसम हुई बारिश और नमी से लार्वा मच्छर बनकर लोगों को काटकर बीमार किया है।

डेंगू और मलेरिया के बढ़ते मामलों की चिंता

राजधानी में अब मानसून की बारिश शुरू हुई है। जबकि यह आंकड़े गर्मी के हैं। जिसमें डेंगू-मलेरिया का मच्छर पनप नहीं पाता है। स्वास्थ्य विभाग ने मच्छरों का लार्वा खत्म करने के लिए अभियान शुरू कर दिया है और एपीडिमोलाजिस्ट की टीम को फील्ड में भेजा गया।

किस माह में कितने केस मिले


































माह डेंगू मलेरिया चिकनगुनिया
मार्च 9 17 1
अप्रैल 25 27 5
मई 10 28 0
जून 7 51 2







 



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