घर के बाहर खेल रही चार वर्षीय बालिका के अपहरण करने के मामले में अदालत ने महाराष्ट्र के जिला औरंगाबाद क्षेत्र के अबरार कालोनी निवासी शोएब सुलेमान को दोषी पाया। एडीजे-19 लोकेश कुमार ने 10 साल कारावास के साथ 20 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुना दी। दोषी को सजा दिलाने में पीड़िता की गवाही अहम रही।
थाना ताजगंज में दर्ज प्राथमिकी के अनुसार मोनू ठाकुर ने तहरीर देकर आरोप लगाया था कि 15 अक्तूबर 2025 की दोपहर उनकी चार वर्षीय पुत्री गोल्डी घर के बाहर खेल रही थी। इसके बाद घर लौटकर नहीं आई। आसपास के क्षेत्र में तलाश करने पर भी कहीं पता नहीं चल सका। बाद में ताजगंज के तांगा स्टैंड के पास स्थित कपड़े की दुकान के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे के फुटेज देखे तो आरोपी शोएब सुलेमान पुत्री को हाथ पकड़कर ले जाता हुआ दिखाई दिया। आरोपी उन्हें पहले से ही जानता था।
थाना ताजगंज पुलिस ने तलाश शुरू की। आगरा कैंट स्टेशन पर सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर आरोपी के धौलपुर जाने के बारे में पता चला। टीम वहां पहुंची, पर आरोपी नहीं मिला। वहां से दिल्ली की लाेकेशन मिली। ताजगंज पुलिस ने दिल्ली पुलिस को घटना के बारे में जानकारी दी। तब दिल्ली पुलिस ने घटना वाले दिन ही रात 2 बजे आरोपी को हिरासत में लेकर उसके कब्जे से बालिका को मुक्त कराया।
