आगरा के थाना खेरागढ़ क्षेत्र में 27 साल पहले गश्त के दौरान पुलिसकर्मियों पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर बंदूकें लूट कर भागे बदमाश भूरा पुत्र साबू निवासी इस्लाम नगर जगनेर को पुलिस ने 27 साल बाद मध्यप्रदेश के भोपाल जिले से गिरफ्तार किया है। आरोपी नाम बदल कर ट्रक ड्राइवर बना हुआ था। उसने दूसरे नाम से दस्तावेज भी बनवा रखे थे। परिजन उसे मृत मान चुके थे। एक दावत में रिश्तेदार ने बदमाश के जीजा से उसकी बात कराई थी। यह मामला तब पुलिस की जानकारी में आया और बदमाश की तलाश शुरू की गई। पुलिस ने भूरा पर 50 हजार का इनाम घोषित कर रखा था।
31 दिसंबर 1998 की रात थाना खेरागढ़ के नगला कमाल चौराहा से उटंगन नदी की ओर सिपाही कमल सिंह, चरन सिंह और उमेश चंद्र गश्त कर रहे थे। उस समय तीनों सिपाही से कुख्यात लुटेरे रमेश कुशवाह गैंग के सदस्यों ने दो राइफल और एक एसएलआर बंदूक लूट ली थी। बदमाशों के गोली मारने से सिपाही कमल सिंह की मौत हो गई थी, जबकि सिपाही चरन सिंह घायल हुआ था। इस घटना के 10 दिन बाद पुलिस ने रमेश कुशवाह को मुठभेड़ में मार गिराया था। इसके बाद गैंग के एक और सदस्य नरेंद्र भी पुलिस मुठभेड़ में मारा गया था। पुलिस ने दो राइफल बरामद कर पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया था। जबकि गैंग का एक सदस्य भूरा उस समय से अंडरग्राउंड हो गया था।