ताजनगरी द्वितीय चरण स्थित एडीए हाइट्स आवासीय परियोजना के फ्लैटों को खरीदार नहीं मिल रहे हैं। पहले आओ-पहले पाओ स्कीम पूरी तरह फेल हो गई है। तमाम प्रयासों के बावजूद 9 टावरों में 170 फ्लैट अब भी खाली पड़े हैं। चार साल पहले ही इन्हें अलोकप्रिय संपत्ति घोषित किया जा चुका है। इसके बावजूद आगरा विकास प्राधिकरण (एडीए) इन्हें बल्क सेल (एकमुश्त बिक्री) के जरिए भी नहीं बेच पा रहा है।
एडीए हाइट्स परियोजना का निर्माण वर्ष 2010-11 में किया गया था। इसके तहत 9 टावरों में 1, 2, 3 और 4 बीएचके के कुल 582 फ्लैटों का निर्माण कराया गया था। 170 फ्लैट न बिकने के कारण प्राधिकरण की 147वीं बोर्ड बैठक 1 जून 2022 में इन्हें अलोकप्रिय संपत्ति की श्रेणी में रखने का निर्णय लिया गया था। छह माह पूर्व हुई बोर्ड बैठक में इनकी बल्क सेल का प्रस्ताव पास हुआ था, जिसके बाद एडीए ने दो बार टेंडर निकाले, लेकिन कोई खरीदार नहीं मिला। अब तीसरी बार बल्क सेल के लिए टेंडर निकाला गया है।
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