पान मसाला उद्योग के लिए प्लास्टिक सैशे और मेटलाइज्ड पैकेजिंग पर प्रस्तावित रोक को लेकर उद्योग संगठनों ने सरकार से समान नीति लागू करने की मांग की है। कारोबारियों का कहना है कि देश में खाद्य और एफएमसीजी सेक्टर में हर साल करीब 7 से 10 लाख मीट्रिक टन मल्टीलेयर प्लास्टिक और मेटलाइज्ड पैकेजिंग सामग्री इस्तेमाल होती है, जबकि पान मसाला उद्योग की हिस्सेदारी इसमें केवल 35 से 40 हजार टन यानी लगभग 3 से 5 प्रतिशत ही है। ऐसे में सिर्फ पान मसाला उद्योग पर प्रतिबंध लगाना उचित नहीं माना जा सकता।
