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ghaziabad youth death
– फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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गाजियाबाद के थानों में फरियादियों के साथ मित्रवत और संवेदनशील व्यवहार का दावा करने वाली कमिश्नरेट पुलिस की कार्यप्रणाली पर रविवार को गंभीर सवाल खड़े हो गए। ऑटो चालक से विवाद के बाद जान बचाने की गुहार लेकर संजयनगर सेक्टर-23 स्थित पिंक बूथ पर पहुंचे 22 वर्षीय राजकुमार को मुख्य गेट बंद मिला।
आरोप है कि महिला पुलिसकर्मियों ने कार्यालय का दरवाजा नहीं खोला। घबराहट में उन्होंने दरवाजे के शीशे पर दोनों हाथ दे मारे। कांच टूटकर हाथों में धंसने से घायल राजकुमार 40 मिनट तक तड़पते रहे और अस्पताल में उनकी जान चली गई।

