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कुख्यात एक लाख के इनामी बदमाश फुरकान का खौफ सिर्फ पुलिस तक सीमित नहीं था, बल्कि विनोद सिंघल के परिवार की जिंदगी में भी वह 12 वर्षों तक दहशत बनकर छाया रहा। व्यापारी नेता विनोद सिंघल की हत्या के बाद पूरा परिवार दहशत में था। बच्चे पुलिसकर्मियों से कहते थे, पुलिस अंकल… फुरकान सपने में आता है।
पुलिस अधीक्षक नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि विनोद सिंघल के परिवार ने कई बार अपनी सुरक्षा को लेकर पुलिस से गुहार लगाई थी। परिवार के बच्चों के मन में इतना भय था कि उन्हें हर समय किसी अनहोनी का डर सताता रहता था। बच्चे पुलिसकर्मियों से कहते थे कि उन्हें लगता है कहीं उनके पिता के साथ भी वैसा ही न हो जाए, जैसा उनके दादा के साथ हुआ था।
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एनकाउंटर के बाद इनामी की बरामद कार्बाइन
– फोटो : पुलिस
परिवार की मानसिक स्थिति को देखते हुए पुलिस लगातार उनके घर के आसपास गश्त कर रही थी और फुरकान की गतिविधियों पर भी कड़ी नजर रखी जा रही थी। करीब एक सप्ताह पहले भी परिजनों ने एसपी से मिलकर सुरक्षा बढ़ाने की मांग की थी।
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एक लाख के इनामी कुख्यात फुरकान की फाइल फोटो
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
एसपी ने बताया कि फुरकान के मारे जाने से एक परिवार के दिल से 12 वर्षों का डर जरूर खत्म हुआ है, लेकिन उसके गिरोह के अन्य बदमाश अभी भी पुलिस के निशाने पर हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है।
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कैराना में मृतक व्यापारी विनोद सिंघल की दुकान
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बात करने से भी डर रहा था बेटा
बोला, भगवान ने हमारे पिता को इंसाफ दिलाया है। फुरकान के एनकाउंटर की खबर के बाद जब विनोद सिंघल के घर पहुंचे तो उनके बेटे अर्णव सिंघल ने पहले बात करने से ही इनकार कर दिया। उनके चेहरे पर आज भी वही डर साफ दिखाई दे रहा था, जो 12 साल पहले पिता की हत्या के बाद पूरे परिवार के जीवन में उतर आया था।
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शामली में फुरकान मुठभेड़ पर जश्न मनाते व्यापारी
– फोटो : व्यापारी
काफी समझाने के बाद अर्णव ने कहा कि जब उनके पिता की हत्या हुई थी, तब वह बहुत छोटे थे। उन्हें सिर्फ इतना याद है कि बाइक पर आए बदमाशों ने दुकान पर बैठे उनके पिता की गोलियां मारकर हत्या कर दी थी।