आगरा के फतेहपुर सीकरी की ऐतिहासिक पहाड़ियों और सीकरी झील के संरक्षण को लेकर दायर याचिका पर राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने बृहस्पतिवार को उत्तर प्रदेश सरकार समेत आठ पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। मामले की अगली सुनवाई 22 सितंबर को निर्धारित की गई है।

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ओरिजनल एप्लिकेशन संख्या-389/2026 अजय प्रताप सिंह एडवोकेट बनाम मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश सरकार एवं अन्य की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता एवं बिचपुरी क्षेत्र के गांव मघटई के पास स्थित कृष्णा गार्डन निवासी अधिवक्ता अजय प्रताप सिंह ने न्यायालय को बताया कि फतेहपुर सीकरी क्षेत्र में विंध्य पर्वतमाला की दो समानांतर पहाड़ियां, फतेहपुर सीकरी रेंज और बदरौली रेंज, स्थित हैं। उनके बीच स्थित ऐतिहासिक सीकरी झील में कभी खारी नदी का पानी आता था।

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याचिका में आरोप लगाया गया है कि झील के क्षेत्र में खेती की जा रही है तथा फतेहपुर सीकरी रेंज पर स्थित विश्व धरोहर फतेहपुर सीकरी किले के आसपास अवैध निर्माण हो रहे हैं। याचिका के अनुसार, झील, नदी और पहाड़ियों से जुड़े प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र के प्रभावित होने से क्षेत्र में वायु प्रदूषण बढ़ रहा है, जिसका प्रतिकूल प्रभाव लाल बलुआ पत्थर से निर्मित फतेहपुर सीकरी किले पर पड़ रहा है। याचिकाकर्ता ने दावा किया कि सीकरी झील का उल्लेख वर्ष 1884 में प्रकाशित सांख्यिकीय, वर्णनात्मक एवं ऐतिहासिक विवरण (वॉल्यूम-7) तथा वर्ष 1905 के आगरा गजेटियर में भी मिलता है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के अनुसार भी यहां पर एक प्राकृतिक झील थी।

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अभिलेखों के अनुसार झील लगभग दो मील चौड़ी और छह मील लंबी थी तथा फतेहपुर सीकरी और बदरौली रेंज के बीच स्थित थी। याचिका में यह भी दावा किया गया है कि खारी नदी का प्रवाह सीकरी चार हिस्सा, पतसाल, पाली किरावली और मोहम्मदपुर क्षेत्र में लगभग समाप्त हो गया है, जिससे पूरे क्षेत्र का पारिस्थितिकी तंत्र प्रभावित हुआ है। याचिकाकर्ता के अनुसार इसका असर ताज ट्रेपेजियम जोन (टीटीजेड) पर भी पड़ रहा है।

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मामले में मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश सरकार, प्रमुख सचिव (पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन), प्रमुख सचिव (सिंचाई एवं जल संसाधन), प्रमुख सचिव (नगर विकास), प्रमुख सचिव (ग्राम्य विकास), जिलाधिकारी आगरा, उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष तथा क्षेत्रीय प्रबंधक, आगरा को पक्षकार बनाया गया है। सुनवाई के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से अधिवक्ता भंवरपाल सिंह जादौन उपस्थित हुए और जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा। इसके बाद एनजीटी ने सभी पक्षों को नोटिस जारी करते हुए 22 सितंबर को अगली सुनवाई की तिथि निर्धारित की है।

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