इटावा से बीमार पिता की दवा लेने बड़े भाई के साथ कानपुर आ रहे छोटे भाई नीरज (30) की सोमवार को पनकी भाऊपुर के पास चलती ट्रेन के गेट से गिरकर मौत हो गई। भाई को बचाने के लिए उसने कूदने की कोशिश की लेकिन अन्य यात्रियों ने उसे पकड़ लिया। हादसे के वक्त उनके पास मोबाइल भी नहीं था। सेंट्रल स्टेशन से बुआ के घर गल्लामंडी पहुंचने के बाद उन्होंने दोपहर को हादसे की जानकारी परिजनों को दी तो चीखपुकार मच गई।


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इटावा के ग्राम विशुनबाग पुरवा गाड़ीपुरवा निवासी राकेशनगर पालिका में साफ-सफाई का काम करते हैं। बेटा नीरज भी उनके साथ काम में हाथ बंटाता था। नीरज तीन भाइयों राजीव और संजय में सबसे छोटा था। पिता के अनुसार नौबस्ता के मछरिया में उनकी सांस की दवा चल रही थी। सोमवार सुबह राजीव और नीरज को जोधपुर हावड़ा ट्रेन से कानपुर भेजा था। राजीव ने बताया कि सुबह करीब 10 बजे स्टेशन देखने के लिए गेट पर गया नीरज चलती ट्रेन से उनकी आंखों के सामने नीचे गिर गया। वह यात्रियों से ट्रेन रुकवाने की गुजारिश करता रहा लेकिन यह किसी के बस में नहीं था। बिलखतेे हुए बताया कि सफर के समय नीरज के पास ही मोबाइल था। वहीं, उन्हें घर के मोबाइल नंबर तक नहीं याद थे।



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