श्रीबांकेबिहारी मंदिर में भक्त अपने आराध्य को खुश करने के लिए मनोभाव से तरह-तरह की वस्तुएं लेकर आते हैं। लेकिन इस बार कोलकाता से आया भक्त ठाकुर जी के लिए झालमुड़ी लेकर आया। श्रद्धालु ने जैसे ही झालमुड़ी को सेवायत को दिया तो वह भी अचंभित हो गए। उन्होंने पूरे श्रद्धा भाव से ठाकुर जी के भोग को लिया और फिर उनको सेवित किया।
कोलकाता निवासी जगदीश शर्मा ठाकुर जी के लिए झालमुड़ी लेकर सेवायत दिनेश गोस्वामी के घर पहुंचे और उन्होंने कहा कि वह ठाकुर जी के लिए झालमुड़ी लेकर आएं हैं। आप इसका भोग लगवा दीजिए। फिर उन्होंने सेवायत को पैकेट समर्पित कर दिया। जगदीश शर्मा ने बताया कि यह झालमुड़ी उनके परिवार की महिलाओं ने विशेष श्रद्धा भाव से सजाई थी। जब उन्होंने इसे सेवायत को समर्पित किया तो दिनेश गोस्वामी भी थोड़े आश्चर्यचकित रह गए। उन्होंने श्रद्धा भाव से प्राप्त झालमुड़ी को भोग के रूप में ठाकुरजी को अर्पित किया।
इस अनोखी भेंट ने मंदिर परिसर में उपस्थित अन्य श्रद्धालुओं का भी ध्यान आकर्षित किया। भक्तों ने कहा कि प्रत्येक भोग श्रद्धा और भाव से हो तो वह भगवान को प्रिय होता है। इस प्रकार के अनोखे और मनोभाव से किए गए भोग मंदिर की परंपराओं को जीवित रखने में मदद करते हैं। सेवायत दिनेश गोस्वामी ने जगदीश शर्मा और उनके परिवार को धन्यवाद देते हुए कहा कि इस प्रकार के विशेष भोग से भगवान की सेवा में आनंद और भक्तों में उत्साह बढ़ता है।