स्मार्ट मीटरों को लेकर मचे घमासान के बाद शासन के प्रीपेड को पोस्टपेड करने और बिजली कनेक्शन काटने की शक्तियां स्थानीय स्तर से छीनने के दो फैसलों ने दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम की रिकवरी की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है। प्री से पोस्टपेड होने के बाद करीब 72 फीसदी से ज्यादा घरेलू उपभोक्ताओं ने अपने बिल जमा नहीं किए हैं। पिछले महीने करीब 1.70 लाख स्मार्ट मीटर धारकों को बिल जारी किए गए थे। इसके बाद तीन बार रिमाइंडर मैसेज भेजे गए। फिर कॉल कराकर संपर्क किया गया लेकिन इनमें से करीब एक लाख ने बिल नहीं जमा किए।

चूंकि विभाग के पास मौजूदा समय में बिजली कनेक्शन काटने के अधिकार शासन ने वापस ले रखे हैं। ऐसे में विभाग के अधिकारी सिर्फ रिक्वेस्ट मोड पर काम कर रहे हैं। अब जून महीने के बाद बिल जारी किए जा चुके हैं। 20 जुलाई तक इनमें से आधे से ज्यादा उपभोक्ताओं ने बिल जमा नहीं किए। विभागीय अधिकारियों ने अब बढ़ते बकाए के बोझ को कम करने के लिए शासन से पत्राचार कर कनेक्शन काटने की शक्तियां मांगी हैं।

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कनेक्शन काटने की मांगी गई अनुमति

अधिकारियों ने दलील दी है कि जो लोग जानकर बिल जमा नहीं कर रहे, उनके कनेक्शन काटे जाएं ताकि वह बिल जमा कराना शुरू करें। हालांकि अभी तक शासन से अधिकारियों को मंजूरी नहीं मिल सकी है। इस वजह से करीब दो सौ करोड़ रुपये का नया बकाया खड़ा हो गया है। डीवीवीएनएल आगरा जोन के मुख्य अभियंता कपिल सिंधवानी ने कहा कि बिल जमा कराने के लिए लोगों से कहा जा रहा है। जो लोग बिल जमा नहीं करेंगे, उन्हें ब्याज और जुर्माने के साथ बाद में ज्यादा राशि जमा करानी पड़ेगी। ऐसे में अपील है कि सभी समय से बिल जमा कराते रहें ताकि उनपर अतिरिक्त वित्तीय बोझ न पड़े।

 



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