कमिश्नरेट में हर पाक्षिक अपराध गोष्ठी में जनता से उचित व्यवहार के निर्देश दिए जाते हैं। पूर्व में व्यापारिक पुलिसिंग के लिए कार्यशालाएं तक आयोजित की जा चुकी है। इसके बावजूद व्यवहारिक पुलिसिंग को भूलकर दरोगा और सिपाही आरोपियों से ही नहीं आम जनता से भी अभद्रता व्यवहार कर रहे हैं। हाल में थाना सिकंदरा पुलिस पर महिला से मारपीट के आरोप लगे। किरावली में अभद्रता और रिश्वत के आरोप पर दो दरोगा को निलंबित किया गया।
यह पहले मामले में नहीं हैं, जब पुलिस पर आरोप लगाए गए। गत वर्ष जीवनी मंडी चाैकी में एक दूध विक्रेता को महज इसलिए पीटा गया था कि उसने टैंपो पुलिसकर्मियों के कहने पर थाने ले जाने से इंकार कर दिया था। आरोप लगे थे कि चाैकी में पीटने के दाैरान नाखून तक उखाड़ लिए।
हालांकि मेडिकल रिपोर्ट में इस बात की पुष्टि नहीं हुई थी। बाद में चाैकी प्रभारी और थाना प्रभारी निरीक्षक को हटाया गया था। प्राथमिकी भी दर्ज हुई थी। इस मामले की विवेचना क्राइम ब्रांच ट्रांसफर कर दी गई थी। अब तक विवेचना पूरी नहीं हो सकी है। एडीसीपी सिटी हिमांशु गाैरव ने बताया कि बयान दर्ज करने की कार्रवाई चल रही है।
