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प्रमाणपत्र और मेडल पाने की खुशी क्या होती है। सूरसदन प्रेक्षागृह में बुधवार को अमर उजाला की ओर से आयोजित भविष्य ज्योति मेधावी सम्मान समारोह में देखने मिली। मंच पर जब मेधावियों को गले में मेडल पहनाते हुए प्रमाणपत्र थमाए गए तो उनके चेहरे खिल उठे।
मंगलायतन विश्वविद्यालय के सहयोग से आयोजित कार्यक्रम में यूपी बोर्ड, सीबीएसई और सीआईएससीई के हाईस्कूल-इंटरमीडिएट के मेधावियों को सम्मानित किया। इसमें 1200 से अधिक विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र और मेडल दिए। विशेषज्ञों ने कृषि, कला, विज्ञान, वाणिज्य वर्ग समेत विभिन्न व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की जानकारी दी। उन्हें बताया कि इंटरमीडिएट के बाद तमाम कोर्स संचालित हैं, जिनमें बेहतर प्रदर्शन कर मनमाफिक पैकेज की नौकरी पा सकते हैं। यहां तक कि खुद का उद्यम भी शुरू किया जा सकता है। कार्यक्रम में ओलंपियाड विजेताओं को भी पुरस्कृत किया गया। मुख्य अतिथि जिलाधिकारी मनीष बंसल, विशिष्ट अतिथि एसीपी डॉ. सुकन्या शर्मा, डीआईओएस-द्वितीय विश्वनाथ प्रताप सिंह मौजूद रहे। संचालन अमित सूरी ने किया।
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भविष्य ज्योति सम्मान
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
अपने हुनर को पहचान कर आगे बढ़ें: डीएमडीएम मनीष बंसल ने मेधावियों से कहा कि शिक्षा ही एकमात्र जरिया है, जिससे आप अपने सपने पूरे कर सकते हैं। लक्ष्य तय करें उसे प्रयास करने के लिए निरंतर प्रयास करते रहें। उन्होंने कहा कि हर विद्यार्थी में अलग-अलग मेधा होती है। कोई मैनेजमेंट, विभागीय कार्य तो कोई सामाजिक समस्या सुलझाने में बेहतर होता है। ऐसे में अपने हुनर को पहचान कर उसी क्षेत्र में आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि माता-पिता और शिक्षकों की सलाह को कभी नजरअंदाज न करें, सही मायने में वही आपके सच्चे हितैषी हैं।
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– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
संयम, धैर्य और निरंतर मेहनत से पाएंगे सफलता
एसीपी डॉ. सुकन्या शर्मा ने विद्यार्थियों से कहा कि संयम, धैर्य और निरंतर मेहनत से ही आप सफलता पा सकते हैं। लक्ष्य पाने में फेल भी हो जाएं तो निराश होने की बजाय मुकाम हासिल न होने तक प्रयास करते रहें। उन्होंने कहा कि हाईस्कूल और इंटरमीडिएट में बेहतर अंक पाना ही एकमात्र सफलता का पैमाना नहीं है। आगे भी ऐसे ही मेहनत करनी होगी। उन्होंने बच्चों को सीख देते हुए कहा कि आप जब भी किसी मुकाम पर पहुंचें तो इसका मुख्य ध्येय सेवाभाव ही होना चाहिए।
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– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
प्रतिस्पर्धा के साथ पाठ्यक्रम के भी बढ़े विकल्प
मंगलायतन विश्वविद्यालय के डिप्टी जनरल मैनेजर मयंक प्रताप सिंह ने कहा कि वर्तमान में प्रतिस्पर्धा के साथ कॅरिअर के विकल्प भी तेजी से बढ़े हैं। पारंपरिक पाठ्यक्रमों के अलावा अनेक जॉब ओरिएंटेड कोर्स उपलब्ध हैं, जिनके माध्यम से विद्यार्थी सफल कॅरिअर बना सकते हैं। उन्होंने कहा कि छात्रों को किसी भी कोर्स का चयन करने से पहले उसकी पूरी जानकारी लेनी चाहिए। नीट जैसे परीक्षा में सफलता नहीं मिलने पर भी फार्माडी, बीएससी एग्रीकल्चर, पांच वर्षीय बीएएलएलबी सहित कई बेहतर विकल्प मौजूद हैं। उन्होंने छात्रवृत्ति योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि उच्च शिक्षा के लिए यह काफी मददगार साबित होती हैं।
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– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
निरंतर सीखना सफलता की कुंजी
मंगलायतन विश्वविद्यालय के डीन रिसर्च प्रो. रविकांत ने कहा कि कक्षा 9 से 12 तक की पढ़ाई विद्यार्थियों के जीवन का सबसे महत्वपूर्ण दौर है। इसी समय से सफलता की नींव रखी जाती है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को अपनी रुचि के अनुसार लक्ष्य निर्धारित करना चाहिए और अभिभावकों को भी बच्चों को अपने कॅरिअर का चयन करने की स्वतंत्रता देनी चाहिए। उन्होंने छात्रों को दृढ़ संकल्प, आत्मविश्वास और निरंतर सीखने को सफलता की कुंजी बताया। प्रो. रविकांत ने कहा कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए नए अवसरों को अपनाना जरूरी है और असंभव जैसा कोई शब्द नहीं होता। आज युवा स्टार्टअप स्थापित कर रोजगार देने वाले बन रहे हैं, इसलिए विद्यार्थियों को बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने के लिए मेहनत करनी चाहिए।