सरकारी स्कूलों में बच्चों को अब सिर्फ किताबों और परीक्षा तक सीमित रखने के बजाय उन्हें बाहर भी सीखने का मौका दिया जाएगा। बच्चों में पढ़ने की आदत, सामाजिक जिम्मेदारी, संस्कार और व्यावहारिक ज्ञान विकसित करने की गतिविधियां होंगी।
खबर वहीं जो सत्य हो©
सरकारी स्कूलों में बच्चों को अब सिर्फ किताबों और परीक्षा तक सीमित रखने के बजाय उन्हें बाहर भी सीखने का मौका दिया जाएगा। बच्चों में पढ़ने की आदत, सामाजिक जिम्मेदारी, संस्कार और व्यावहारिक ज्ञान विकसित करने की गतिविधियां होंगी।