अयोध्या में श्रीराम मंदिर के दानपात्र से कथित गबन का मुद्दा गर्मा गया है। उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर अफवाह फैलाना का आरोप लगाया। उन्होंने कहा है कि उनकी सोच बाबरवादी है। वहीं, समूचे विपक्ष ने देश के सामने जांच कर रिपोर्ट रखने की मांग की है। सपा प्रमुख और पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने एक बार फिर मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के बयान पर सवाल उठाए हैं।
सपा को भुगतना पड़ेगा खामियाजा : डिप्टी सीएम
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने एक्स पर लिखा है कि सपा मुखिया अखिलेश यादव ने कभी सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय का सम्मान नहीं किया। उनकी सोच बाबरवादी है। श्रीराम मंदिर निर्माण से पूर्व भूमि पूजन पर भी आपके (अखिलेश यादव के) कोई शब्द नहीं निकले। जब अयोध्याधाम में भव्य वास्तुकला मूर्त रूप ले रही थी, तब भी आप शांत रहे। प्रभु श्रीराम का विग्रह स्थापित होने पर भी कोई स्वागत नहीं किया।
ब्रजेश पाठक आगे लिखते हैं कि अखिलेश अब श्रीराम मंदिर को लेकर अफवाह फैला कर झूठ गढ़ने का असफल प्रयास कर रहे हैं। भारत दुनिया में सनातन संस्कृति का वाहक राष्ट्र है। अखिलेश यादव अपनी सोच को सनातन संस्कृति के विरुद्ध न करें। आने वाले दिनों में समाजवादी पार्टी को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। वर्ष 2027 में समाजवादी पार्टी को पुनः मुंह की खानी पड़ेगी। आपके झूठ का नेरेटिव कभी सफलता तक नहीं पहुंचेगा। प्रदेश के लोग सपा की कारगुजारियों को अच्छी तरह से समझ चुके हैं।