आगरा में लोन की किस्त चुकाने में देरी होने पर एक रिकवरी एजेंट ने ग्राहक के साथ गाली-गलौज की। एजेंट ने मोबाइल पर धमकी भरे संदेश भी भेजे। पीड़ित की शिकायत पर थाना हरीपर्वत में प्राथमिकी दर्ज की गई है।

महावीर नगर निवासी राकेश कुमार ने डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास को प्रार्थनापत्र दिया। उन्होंने बताया कि उनकी पत्नी आरती ने यस बैंक से एक लाख रुपये का व्यक्तिगत लोन लिया था। इसकी करीब 40 से 50 हजार रुपये की किस्तें जमा हो चुकी हैं। आर्थिक परेशानी के कारण दो किस्तों को जमा करने में देरी हुई। आरोप है कि 11 अगस्त को बैंक-रिकवरी एजेंसी की मुस्कान नामक महिला ने कॉल किया। उसने बातचीत में अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और व्हाट्सएप पर अपमानजनक संदेश भेजे। डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास ने बताया कि मामले की जांच कर कार्रवाई की जा रही है।

रिकवरी एजेंट नहीं कर सकते मनमानी

डीसीपी ने बताया कि रिकवरी एजेंट को लोन वसूलने का अधिकार है लेकिन वे ग्राहक या उसके परिवार के साथ गाली-गलौज, धमकी या अश्लील भाषा का प्रयोग नहीं कर सकते। बार-बार परेशान करने वाले फोन या संदेश भेजना भी अनुचित व्यवहार है। ग्राहक से संपर्क करते समय एजेंट को निर्धारित नियमों का पालन करना होता है। यदि एजेंट धमकी देता है या मानसिक उत्पीड़न करता है, तो ग्राहक को साक्ष्य सुरक्षित रखने चाहिए। बैंक, पुलिस या नियामकीय शिकायत मंच पर भी कार्रवाई की मांग की जा सकती है।

 



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