वंदे भारत एक्सप्रेस समेत कई प्रमुख ट्रेनों पर लगातार हुई पत्थरबाजी की घटनाओं के बाद जीआरपी आगरा कैंट ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। अब तक पांच मुकदमे दर्ज कर सात आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि तीन मामलों में चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। इन घटनाओं में ट्रेनों के शीशे टूटकर बिखर गए थे, जिससे यात्रियों को चोटें आने के साथ दहशत का माहौल बन गया था।
सीओ जीआरपी राजेश दीक्षित ने बताया कि अभी पिछले महीनों में वंदे भारत एक्सप्रेस, कर्नाटक संपर्क क्रांति एक्सप्रेस, पंजाब मेल और खजुराहो-वंदे भारत एक्सप्रेस पर पत्थरबाजी की घटनाएं सामने आईं। फरवरी 2026 में राजा की मंडी क्षेत्र में वंदे भारत एक्सप्रेस को निशाना बनाया गया था। इसके बाद मार्च और अप्रैल में राजा की मंडी तथा रुनकता आउटर क्षेत्र में खजुराहो-वंदे भारत एक्सप्रेस पर पत्थर फेंके गए। मई में गोंडवाना एक्सप्रेस पर पत्थरबाजी की घटनाएं हुईं। जांच के दौरान पांच मुकदमे दर्ज कर सात आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। तीन मामलों में चार्जशीट तैयार की जा चुकी है।
घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए जीआरपी ने राजा की मंडी आउटर, खेरिया मोड़, रावली आउटर, आगरा-रुनकता आउटर, अछनेरा-आगरा फोर्ट तथा आगरा कैंट-ग्वालियर रेलखंड के आगरा-भांडई, आगरा-बाह आउटर समेत 10 संवेदनशील स्थलों को चिह्नित किया है। यहां निगरानी बढ़ाने के साथ लोगों को जागरूक किया जा रहा है। इसके बाद ट्रेनों पर पत्थर फेंकने की घटनाओं में कमी आई है। आगरा रेल मंडल के जनसंपर्क अधिकारी संजय कुमार गौतम ने बताया कि कुछ ट्रेनों में पत्थरबाजी की घटनाएं सामने आने के बाद जीआरपी और आरपीएफ संयुक्त रूप से अभियान चला रहीं हैं।
