मलिहाबाद के कसमंडी कलां स्थित विवादित ढांचों में बृहस्पतिवार को बकरीद और शुक्रवार को जुमे की नमाज नहीं पढ़ी गई। यहां एहतियातन पीएसी और पुलिस बल तैनात रहा। पुलिस ने विवाद की आशंका के चलते गांव के दोनों समुदायों के 20-20 लोगों को पाबंद कर दिया था। ड्रोन के जरिये विवादित ढांचों की निगरानी भी करती रही। 

कुछ समय पहले हिंदू संगठनों ने ढांचे में पूजा, आरती करने और हनुमान चालीसा पढ़ने की कोशिश की थी। इसके बाद से ही दोनों समुदायों के लोगों का विवादित ढांचे में जाने से प्रतिबंध लगा हुआ है। इंस्पेक्टर सुरेंद्र सिंह भाटी ने बताया कि शांति व्यवस्था बनी हुई है।

ढांचे के आसपास है 18 बीघे का कब्रिस्तान

विवादित ढांचों के आसपास लगभग 18 बीघा भूमि वर्तमान में कब्रिस्तान के रूप में दर्ज है। ग्रामीणों का कहना है कि यह करीब 14 साल पहले दर्ज की गई थी। कुछ लोगों ने कब्रिस्तान की भूमि पर मकान भी बनवा लिए।

मौलाना के खिलाफ कार्रवाई की मांग

लाखन आर्मी के कार्यकर्ता ने 27 मई को इंस्पेक्टर मलिहाबाद को प्रार्थनापत्र दिया। आरोप लगाया कि बहराइच के मौलाना तीन वर्ष पूर्व कसमंडी कलां आए थे। उन्होंने अवैध मदरसा चलाकर विवादित स्थल में नमाज शुरू की थी। आरोप है कि बच्चों का ब्रेनवाश किया गया। विवाद की स्थिति मौलाना ने उत्पन्न की है।



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