सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर सुभासपा अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर का तीखा हमला बृहस्पतिवार को भी जारी रहा। उन्होंने अपने अधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल एक्स के जरिए सपा अध्यक्ष पर निशाना साधते हुए सपा सांसदों के टूटने को लेकर बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने बिना किसी नाम लिए लिखा है कि सपा सांसदों के टूटने वाले गुट का नेतृत्व बागी बलिया की धरती से ताल्लुक रखने वाले एक सांसद करेंगे।

राजभर ने इशारा किया है कि बुधवार को सपा कार्यालय में आयोजित सम्मेलन में ब्राम्हणों का जिस तरह से तिरस्कार किया गया है, उससे ‘बागी बलिया’ का लाल बहुत आहत है। इस घटना ने आग में घी डालने का काम किया है।

 

राजभर ने लिखा है कि ‘मेरी एक प्रतिक्रिया पर जिस तरह से पूरा सैफई खानदान मुझे गाली देने और सफाई देने में जुट गया, उससे ज्यादा बेहतर है कि अखिलेश ट्विटर, ऐसी और पीसी वाली नेतागिरी छोड़कर अब सांसद बचाओ अभियान शुरू कर दें और दुखी एवं निराश सांसदों के घर जाकर उनसे माफी मांगे।’

आंकड़ों के आधार पर दिया जवाब

सुभासपा अध्यक्ष ने दलितों पर अत्याचार संबंधी सपा के आरोप का जवाब भी आंकड़ों के आधार पर दिया है। उन्होंने पुलिस रिपोर्ट के हवाले से लिखा है कि सपा अध्यक्ष ने जिन शहरों में सर्वाधिक दलितों पर अत्याचार होने की बात कही है, उन सभी शहरों में अत्याचार करने वाले यादव व मुस्लिम समुदाय के लोग हैं। 

उन्होंने अपने इस बयान के साक्ष्य के तौर पर आंकड़ा भी दिया है। राजभर ने लिखा है गोरखपुर जोन में दर्ज कुल 760 मामलों में 297 यादव और 344 मुस्लिम शामिल रहे हैं। इसी तरह बनारस जोन में जहां 603 मामलों में 650 यादव और 178 मुस्लिमों पर दलित उत्पीड़न के मुकदमे दर्ज हैं। 

ऐसे ही आगरा जोन में 287 केस में 85 यादव और 93 मुस्लिमों, और कानपुर जोन में 334 मुकदमों में 166 यादव और 57 मुस्लिरों पर दलितों को धमकाते, गाली देने, पीटने और हत्या के मामले दर्ज हैं। उन्होंने प्रयागराज, बरेली, मेरठ, आगरा, लखनऊ समेत सभी जोन के भी आंकड़ा देकर सपा को घेरा है।



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